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सोना-चांदी के दाम में भारी उतार-चढ़ाव, तीन दिन की गिरावट के बाद बाजार पर बनी अनिश्चितता

सत्यमेव न्यूज (नई दिल्ली)। देश के कीमती धातु बाजार में जारी अस्थिरता के बीच सोना और चांदी के भाव में बीते दिनों तेज गिरावट दर्ज की गई है जिससे निवेशकों और सर्राफा कारोबारियों में चिंता का माहौल बना हुआ है। राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोमवार तक चांदी की कीमतों में लगातार तीसरे दिन बड़ी गिरावट देखने को मिली जबकि सोने के दाम भी कमजोर वैश्विक संकेतों और डॉलर की मजबूती के दबाव में नीचे आ गए। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार चांदी की कीमत 52 हजार रुपये टूटकर 2 लाख 60 हजार रुपये प्रति किलोग्राम (सभी कर सहित) पर आ गई। इससे पहले शनिवार को चांदी के भाव में लगभग 72,500 रुपये या करीब 19 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी जब यह 3.12 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई थी। लगातार गिरावट से बाजार की धारणा कमजोर हुई है वहीं सोने की कीमतों में भी तीखी गिरावट दर्ज की गई। राष्ट्रीय बाजार में 10 ग्राम सोना 12,800 रुपये सस्ता होकर 1 लाख 52 हजार रुपये पर कारोबार करता देखा गया। जानकारों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में नरमी और डॉलर की मजबूती का सीधा असर घरेलू सर्राफा बाजार पर पड़ा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव में कमी विशेषकर अमेरिका-ईरान संबंधों में नरमी, सुरक्षित निवेश के रूप में सोने-चांदी की मांग को कमजोर कर रही है। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के जिंस विश्लेषक मानव मोदी के अनुसार अमेरिकी डॉलर में मजबूती और शुल्क (टैरिफ) से जुड़ी वार्ताओं ने भी कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ाया है। वैश्विक बाजार में भी कमजोरी का रुख देखा गया जहां हाजिर सोना 83.75 डॉलर या 1.72 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,781.60 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।

इस बीच कमोडिटी बाजार में मार्जिन मनी बढ़ाए जाने से भी कीमतों पर अतिरिक्त दबाव बना है। सेबी पंजीकृत कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता ने बताया कि शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज (CME) ने कॉपर के बाद अब सोने और चांदी के वायदा कारोबार में भी मार्जिन बढ़ा दिया है। सोने का मार्जिन 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 8 प्रतिशत और चांदी का 11 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है। मार्जिन बढ़ने से बड़े निवेशकों को अधिक पूंजी लगानी पड़ती है, जिससे बाजार में मुनाफावसूली और बिकवाली का दबाव बढ़ता है।

4 फरवरी को बाजार खुलने के साथ कुछ जगहों पर सीमित स्थिरता और हल्की रिकवरी के संकेत भी देखने को मिले लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक संकेत स्पष्ट नहीं होते तब तक सोना-चांदी के भाव में तेज उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

विशेषज्ञों ने निवेशकों को अल्पकाल में सतर्क रहने की सलाह दी है। उनका कहना है कि मौजूदा माहौल में कीमतें वैश्विक घटनाक्रम, डॉलर की चाल और कमोडिटी एक्सचेंजों के नियामकीय फैसलों पर निर्भर रहेंगी।

Satyamev News

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