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राजनांदगांव

वनांचल के साल्हेवारा क्षेत्र में तेंदुए की दस्तक, वन विभाग हुआ सतर्क

बीते कुछ दिनों से लगातार नजर आ रहा है तेंदुआ

बीते सप्ताह जंगल में बछड़े का शिकार भी किया था

देर रात घाटी पार करते राहगीरों ने कैमरे में किया कैद

सत्यमेव न्यूज़/साल्हेवारा/खैरागढ़. जिले के अंतिम छोर में तेंदुए ने फिर से दस्तक दी है. दरअसल वनांचल के साल्हेवारा घाटी क्षेत्र व उसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में बीते सप्ताह से एक युवा नर तेंदुए की उपस्थिति से क्षेत्र में दहशत का भी माहौल है. यह घटना बीते सप्ताह की बताई जा रही है. हाल ही में गुरूवार 01 दिसंबर की देर रात कार से सफर कर रहे कुछ राहगीरों ने साल्हेवारा घाट में युवा तेंदुए को अपने मोबाईल फोन के कैमरे में कैद किया है और यह वीडियो क्षेत्र में तेजी से वायरल भी हो रहा है. खास बात यह है कि तेंदुआ बड़े आराम से घाटी को पार कर रहा है जबकि कार सहित राहगीरों की उपस्थिति का उसको पूरा आभास था.

जंगल में तेंदुए ने किया बछड़े का शिकार

साल्हेवारा के वनांचल क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे युवा तेंदुए ने कुछ दिनों पहले एक बछड़े का शिकार कर उसे अपना आहार बना लिया था. बताया जा रहा है कि तेंदुए ने जंगल में बछड़े का शिकार करने के बाद बछड़े की माँ (गाय) को भी घायल किया था. वन अमले का कहना है कि मोहगांव के पास जंगल में अतिक्रमण कर एक ग्रामीण ने अपने कुछ मवेशियों को रात में बांधकर रखा था और इसी दौरान शिकार में निकले तेंदुए ने सहजता से बछड़े को अपना शिकार बना लिया. विरोध में उतरी बछड़े की माँ को तेंदुए ने घायल कर दिया था. खबर है कि वनांचल के इस इलाके में मौजूद ग्राम पैलीमेटा, जंगलपुर व मोहगांव से लेकर साल्हेवारा घाट के पूरे इलाके में तेंदुए की उपस्थिति की खबर मिल रही है और तेंदुआ बेखौफ होकर रोज शिकार में निकल रहा है जिससे वन अमले की नींद भी उड़ी हुई है.

सतर्कता अभियान में जुटा वन विभाग

तेंदुए की मौजूदगी की खबर मिलने के बाद वन विभाग का अमला सतर्कता अभियान में जुट गया है. वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी इस इलाके में लगातार बैठक कर ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं वहीं तंदुए से बचने मुनादी भी कराई जा रही है साथ ही ग्रामीणों को इस बात की हिदायत भी दी जा रही है कि फसलों को बचाने के लिये अथवा शिकार के लिये किसी भी तरह के बिजली के तार या झटका तार का उपयोग वे न करें, यह वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के विरूद्ध है. गौरतलब है कि पिछले एक दशक से पूर्व के वर्षों में लगातार तेंदुए की गतिविधि इस इलाके में रही है और इस बात को लेकर भी वन अमला पूरी तरह आश्वस्त है कि तेंदुआ जोड़े में हो सकता है. बहरहाल एक ही तेंदुए की उपस्थिति की पुष्ट खबर है.

तेंदुए की मौजूदगी की जानकारी होते ही विभाग द्वारा क्षेत्र में मुनादी कराकर जनजागरूकता के लिये बैठक ली गई है. जनहानि व इसके साथ ही किसी भी तरह से वन्य प्राणियों की हानि न हो सके इसके लिये विभाग पूरी सतर्कता से काम कर रहा है.

एमएल सिदार, उपवनमंडलाधिकारी गंडई

Satyamev News

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