शैक्षणिक गुणवत्ता और परीक्षा परिणामों में सुधार को लेकर जिला प्रशासन संवेदनशील
खैरागढ़। जिले में शैक्षणिक गुणवत्ता और परीक्षा परिणामों में सुधार के उद्देश्य से तिमाही परीक्षा परिणामों की समीक्षा बैठक शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय छुईखदान में आयोजित की गई। जिला शिक्षा अधिकारी उपेंद्र कुमार देवांगन के नवाचार के तहत बैठक की शुरुआत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टोलागांव की कक्षा दसवीं की छात्रा कु. त्रिवेणी वर्मा के मुख्य आतिथ्य में हुई। कु. त्रिवेणी ने दीप प्रज्ज्वलित कर बैठक का शुभारंभ किया। बैठक में कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल, सहायक संचालक शिक्षा मनोहर चंदेल सहित जिले के 77 हायर सेकेंडरी एवं हाईस्कूलों के प्राचार्य तथा कक्षा 9वीं से 12वीं तक की कक्षाओं में शीर्ष 10 स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी उपस्थित रहे। बैठक में कलेक्टर श्री चंद्रवाल ने परीक्षा परिणामों की समीक्षा करते हुए विद्यार्थियों एवं प्राचार्यों से संवाद किया। उन्होंने हाईस्कूल मरकामटोला और प्रकाशपुर की छात्राओं कु. अनिशा कुर्रे, कु. राखी देवांगन एवं कु. कौशील निर्मलकर से उनके विद्यालय की तीन अच्छी विशेषताओं के बारे में पूछा। छात्राओं ने सहजता से अपने विचार साझा किए। कलेक्टर ने विद्यार्थियों से पढ़ाई के तरीके, नियमित अध्ययन और समय प्रबंधन के संबंध में भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि वार्षिक परीक्षा में अपेक्षित परिणाम प्राप्त करने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। शिक्षकों को शत-प्रतिशत प्रयास करते हुए उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों में सुधार हो सके। तिमाही परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को बैठक में सम्मानित किया गया। कक्षा नवमी में जिले में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टोलागांव की कु. कुमकुम, कक्षा दसवीं की कु. त्रिवेणी वर्मा, कक्षा 11वीं में बढ़ईटोला की कु. खुशबू तथा कक्षा 12वीं में चिचोला की कु. हसीना को कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल, जिला शिक्षा अधिकारी उपेंद्र कुमार देवांगन एवं सहायक संचालक मनोहर चंदेल ने सम्मानित किया। जिला शिक्षा अधिकारी श्री देवांगन ने परीक्षा परिणामों में सुधार के लिए बीईओ, सहायक एबीईओ एवं बीआरसी को नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्राचार्यों से निर्धारित कार्ययोजना के अनुरूप शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन करने, विद्यार्थियों की पढ़ाई की नियमित समीक्षा करने तथा कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देने को कहा। बैठक में बेहतर परीक्षा परिणाम सुनिश्चित करने के लिए विद्यालय स्तर पर सतत प्रयास, प्रभावी निगरानी और उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों के समुचित उपयोग पर जोर दिया गया।
