
सत्यमेव न्यूज गंडईपंडरिया। महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना छुईखदान में विश्व स्तनपान सप्ताह का समापन विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों के साथ किया गया है। परियोजना अधिकारी सुनील बंजारे के निर्देशन में परियोजना के सभी 11 सेक्टरों छुईखदान साल्हेवारा लक्ष्मणपुर बकरकट्टा रामपुर पैलीमेटा ठंडार घिरघोली उदयपुर गंडई और लालपुर में एक साथ जनजागरूकता अभियान संचालित किया गया है। कार्यक्रमों में महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले ने संयुक्त रूप से गर्भवती और धात्री माताओं को स्तनपान के वैज्ञानिक महत्व संतुलित मातृ पोषण और नवजात शिशु की समुचित देखभाल की जानकारी दी। एएनएम मितानिन सेक्टर पर्यवेक्षक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं ने महिलाओं को जन्म के तुरंत बाद स्तनपान शुरू करने नवजात को पहला गाढ़ा पीला दूध (कोलोस्ट्रम) अवश्य पिलाने तथा जन्म से छह माह तक केवल मां का दूध देने के लाभों से अवगत कराया।
इस अवसर पर छह माह की आयु पूरी होने के बाद शिशु को आयु के अनुरूप पूरक आहार शुरू करने के साथ-साथ दो वर्ष या उससे अधिक समय तक स्तनपान जारी रखने की सलाह भी दी गई। स्वास्थ्य कर्मियों ने सही स्तनपान तकनीक मातृ स्वास्थ्य शिशु स्वच्छता और प्रसवोत्तर देखभाल से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए। परियोजना अधिकारी सुनील बंजारे ने कहा कि मां का दूध शिशु के लिए सबसे सुरक्षित पौष्टिक और संपूर्ण प्राकृतिक आहार है जो उसके शारीरिक एवं मानसिक विकास के साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत बनाता है। उन्होंने कहा कि स्तनपान को सफल बनाने में केवल मां ही नहीं बल्कि परिवार समुदाय आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य विभाग की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। विश्व स्तनपान सप्ताह के दौरान परियोजना क्षेत्र के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित गतिविधियों के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया है। समापन कार्यक्रम में दोनों विभागों ने समन्वित प्रयासों के जरिए पोषण स्तर और मातृ-शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य करते रहने का संकल्प भी दोहराया है।