
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा 13 जनवरी 2026 से लागू हुये नये नियमों के विरोध में सवर्ण समाज ने खैरागढ़ छुईखदान गंडई जिले में आंदोलन तेज कर दिया है। समाज ने इन नियमों को सामाजिक समरसता के विरुद्ध बताते हुए इन्हें काला कानून करार दिया है। गुरुवार दोपहर सवर्ण समाज के सदस्य राजपूत क्षत्रिय भवन जमातपारा में एकत्रित हुए। इसके सवर्ण समाज के लोगों ने नगर भ्रमण कर प्रदर्शन किया और रैली के दौरान यूजीसी काला कानून वापस लो, समाज को मत बांटो और सवर्ण एकता जिंदाबाद जैसे नारे लगाये।
कलेक्टर कार्यालय के बाहर भी हुई उग्र नारेबाजी
रैली के नगर भ्रमण के बाद सवर्ण समाज के लोगों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर मुख्य द्वार पर लगभग 15 मिनट तक नारेबाजी की लेकिन ज्ञापन लेने कोई अधिकारी बाहर नहीं आया। इससे प्रदर्शनकारियों में गहरी नाराजगी देखने को मिली। बाद में सवर्ण समाज के प्रतिनिधिमंडल ने कार्यालय के भीतर जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि यूजीसी के नए नियम एकतरफा हैं और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ हैं।
समाज ने झूठे मामलों की जताई आशंका
समाज का आरोप है कि इन नियमों के चलते सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों और प्राध्यापकों पर झूठे आरोप लगाए जाने की संभावना बढ़ सकती है। समाज ने यह भी उल्लेख किया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा इन नियमों के क्रियान्वयन पर फिलहाल रोक लगाई गई है। सवर्ण समाज ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने यूजीसी के नए नियमों को पूरी तरह निरस्त नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा साथ ही इसके राजनीतिक परिणाम आगामी 2027 के चुनावों में सामने आने की चेतावनी भी दी गई है।