
जिले में 63 हजार से अधिक जल संरक्षण संरचनाएं तैयार
हजारों परिवारों को मिल रहा रोजगार
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। जिले में संचालित मोर गांव-मोर पानी महाअभियान जल संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण रोजगार और कृषि सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) के अंतर्गत चलाए जा रहे इस अभियान के जरिए जिले की 221 ग्राम पंचायतों में बड़े पैमाने पर जल संरक्षण कार्य कराए गए हैं जिससे वर्षा जल संचयन और भू-जल पुनर्भरण को नई मजबूती मिली है। जिला प्रशासन के अनुसार अभियान के तहत अब तक 1,952 विकास कार्य स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें 63,783 से अधिक जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण एवं विकास किया गया है जिनसे लगभग 17.97 लाख घनमीटर जल संग्रहण क्षमता विकसित हुई है। इन कार्यों के माध्यम से 31.63 लाख मानव दिवस का रोजगार सृजित हुआ जिससे 48 हजार से अधिक ग्रामीण परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है। अभियान के अंतर्गत पुराने तालाबों के जीर्णोद्धार के साथ नए सामुदायिक तालाब आजीविका डबरियां व्यक्तिगत सिंचाई कुएं बोर रिचार्ज संरचनाएं नाला उपचार गैबियन चेकडैम तथा बड़ी संख्या में कंटूर ट्रेंच तैयार किए गए हैं। इन संरचनाओं के माध्यम से बारिश के पानी का बेहतर संरक्षण हो रहा है जिससे खेती के लिए सिंचाई सुविधा बढ़ने के साथ भविष्य में पेयजल संकट कम होने की उम्मीद है।

जिले में संचालित नवा तरिया आय का जरिया पहल के तहत जलस्रोतों के संरक्षण को आजीविका से भी जोड़ा गया है। नए तालाबों और डबरियों से किसानों को मत्स्य पालन उद्यानिकी तथा अन्य कृषि आधारित गतिविधियों का अवसर मिल रहा है जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। अभियान की विशेषता जनभागीदारी भी रही है। ग्रामीण स्वयं अपने घरों और खेतों में वर्षा जल संचयन सोख्ता गड्ढे तथा रिचार्ज पिट जैसी संरचनाएं तैयार कर जल संरक्षण की मुहिम से जुड़ रहे हैं। प्रशासन द्वारा शासकीय भवनों में रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने कहा है कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में जल संरक्षण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए वर्षा जल की अधिकतम बचत पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। लगातार हो रही बारिश से अधिकांश जल संरक्षण संरचनाएं भरने लगी हैं जिससे आने वाले समय में भू-जल स्तर सिंचाई सुविधा और ग्रामीण जल सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार की संभावना है।