मांग पूरी कराने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट का किया घेराव, इधर एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की हुई मौत

आंबा कर्मचारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर बताई अपनी पीड़ा
मांगे पूरी नहीं होने से मानसिक व्याधि झेल रही हैं कार्यकर्ता-सहायिका
सत्यमेव न्यूज़/खैरागढ़. विगत 22 दिनों से हड़ताल पर बैठी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं ने मांग पूरी नहीं होने पर कलेक्ट्रेट का घेराव किया. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को जायज बताते हुये जल्द अपनी मांगे पूरी करने जमकर नारेबाजी की. कड़ी धूप में दोपहर कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर लगभग घंटेभर तक कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुये प्रदर्शन किया जिसके बाद कलेक्टर डॉ.जगदीश सोनकर को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नाम ज्ञापन सौंपा. दूसरी ओर रविवार को खैरागढ़ के रेंगाकठेरा में पदस्थ एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की आकस्मिक मौत हो गई है जिसे लेकर आंबा कर्मचारियों व उनसे संबद्ध संगठनों में भारी रोष देखने को मिल रहा है.
मानसिक रूप से परेशान थी मृत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
अनिश्चितकालीन हड़ताल के दौरान खैरागढ़ परियोजना के ग्राम रेंगाकठेरा आंगनबाड़ी केन्द्र में पदस्थ कार्यकर्ता श्रीमती पद्मा साहू की अचानक मौत हो गई. बताया जा रहा है कि रविवार की सुबह आंबा कार्यकर्ता घर में मृत मिली. वह 1999 से केन्द्र में पदस्थ थी. कार्यकर्ता की मौत के बाद आंबा कर्मचारियों व उनसे संबद्ध संगठनों में सरकार के प्रति रोष बढ़ गया है. संगठन से संबद्ध आंबा कर्मचारियों ने शोक सभा आयोजित कर मृत पद्मा को श्रद्धांजलि दी है और सरकार से पूछा है कि मानसिक उद्वेलना के कारण कार्यकर्ताओं की जान जा रही है और सरकार वादाखिलाफी को लेकर अडिग है, सरकार बताये कि क्या आंगनबाड़ी में कार्य करने वाली कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को सम्मानपूर्वक जीवन यापन का अधिकार नहीं है.

कलेक्टर को ज्ञापन देकर कर्मचारियों ने बताई अपनी पीड़ा
कलेक्टर को ज्ञापन देते हुये आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुये कहा कि जब विधायक व सांसद को पांच साल के कार्यकाल के बाद पेंशन मिलता है तो हमें क्यों नहीं जो अपनी पूरी जिंदगी सरकार का काम करती हैं. यदि सरकार हमें शासकीय कर्मचारी नहीं मानती तो हमें 62 साल के बाद सेवानिवृत्त क्यों करती है. उन्होंने बताया कि बहुत ही कम मानदेय होने के कारण आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं की स्थिति अत्यंत दयनीय है. कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने से पहले तत्काल मानदेय बढ़ाने तथा कलेक्टर दर लागू करने की बात कही थी लेकिन 4 वर्ष पूरा होने के बाद भी कांग्रेस सरकार ने अपना वादा पूरा नहीं किया. उन्होंने कलेक्टर से अपील की है कि उनकी मांगे जल्द शासन तक पहुंचाये ताकि उनकी मांगे पूरी हो.