धर्म

महावीर अब लेखन और भाषण तक सीमित- म.सा. रजतमणि जी

सत्यमेव न्यूज छुईखदान। स्थानीय स्थानक जैन भवन में विराजित मुनि श्री रजतमणि जी ने सकल जैन समाज को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में भगवान महावीर के सिद्धांत केवल लेखन और भाषण तक सीमित होते जा रहे हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इन सिद्धांतों को आत्मसात करने वाले लोग अब बहुत कम रह गए हैं। समाज भोग-विलास में अधिक डूबता जा रहा है और आध्यात्मिक मूल्यों से दूर होता जा रहा है। मुनि ने एक उदाहरण के माध्यम से समाज को जागरूक करते हुए बताया कि एक व्यक्ति प्रदर्शनी में एक महिला की तस्वीर 50 हजार रुपए में खरीद लेता है लेकिन वही व्यक्ति जब बाहर एक जरूरतमंद महिला को देखता है तो उसे पांच रुपए देने में भी संकोच करता है। यह दर्शाता है कि समाज में संवेदनशीलता और करुणा की कमी होती जा रही है।
उन्होंने जैन समाज में विवाह के दौरान होने वाले अनावश्यक दिखावे और खर्च पर भी चिंता जताई और इसे रोकने की आवश्यकता बताई। साथ ही बच्चों में बढ़ते मोबाइल के प्रभाव पर कहा कि जब तक माता पिता स्वयं अपने व्यवहार में बदलाव नहीं लाएंगे तब तक बच्चों में संस्कार विकसित करना कठिन होगा। महावीर जयंती के अवसर पर 30 मार्च को दिगंबर जैन समाज द्वारा चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में अभिषेक एवं पूजन किया गया। वहीं 31 मार्च को नगर में सकल जैन समाज द्वारा भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण वह पालकी रही जिसे दीपाली जैन की माता शशिकिरण जैन भोपाल द्वारा मंदिर को दान किया गया था। इसी पालकी में भगवान महावीर स्वामी की प्रतिमा विराजित कर नगर भ्रमण कराया गया। इस अवसर पर आयोजित शोभायात्रा अभिषेक पूजन और प्रवचन कार्यक्रमों में समाज के पुरुषों महिलाओं और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

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