
सत्यमेव न्यूज छुईखदान। छुईखदान परियोजना क्षेत्र की विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा बसाहटों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों का हाल ही में जिला कार्यक्रम अधिकारी पीआर खूटेल और परियोजना अधिकारी सुनील बंजारे ने निरीक्षण किया। इस दौरान पंडरीपानी, डीहीपारा, ढोलपिट्टा और सुकतरा के केंद्रों का दौरा कर वहां चल रही व्यवस्थाओं और निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पेयजल व्यवस्था, शौचालय, रसोईघर, बच्चों के बैठने की सुविधा और सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को बारीकी से परखा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वच्छता, सुरक्षा और बच्चों के अनुकूल माहौल को प्राथमिकता दी जाए, साथ ही निर्माण कार्यों को तय समय सीमा में पूरा किया जाए।
8 आंगनबाड़ी केंद्रों की स्वीकृति, 3 भवन पूर्ण
प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में छुईखदान परियोजना क्षेत्र के बैगा बहुल गांवों में 8 नए आंगनबाड़ी केंद्र स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 3 भवन बनकर तैयार हो चुके हैं जबकि 3 केंद्रों का निर्माण कार्य जारी है। शेष 2 केंद्र फिलहाल बहुउद्देशीय केंद्रों के माध्यम से संचालित हो रहे हैं जिससे सेवाओं की निरंतरता बनी हुई है। वनांचल के दूरस्थ इलाकों में बसे बैगा समुदाय के लिए ये आंगनबाड़ी केंद्र किसी जीवनरेखा से कम नहीं हैं। यहां बच्चों को पोषण आहार, प्रारंभिक शिक्षा और गर्भवती व धात्री माताओं को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही है। इन सुविधाओं से क्षेत्र में कुपोषण की समस्या कम होने और मातृ-शिशु स्वास्थ्य में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
गुणवत्ता पर विशेष जोर
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि केवल भवन निर्माण ही नहीं बल्कि सेवाओं की गुणवत्ता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। केंद्रों में नियमित निगरानी, बेहतर पोषण वितरण और बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं ताकि योजना का लाभ वास्तविक रूप से जरूरतमंदों तक पहुंच सके।