बिजली दर वृद्धि पर चंदेल ने साधा निशाना, कहा- आम जनता और किसानों पर बढ़ेगा आर्थिक दबाव

सत्यमेव न्यूज गंडई पंडरिया। प्रदेश किसान कांग्रेस के उपाध्यक्ष एवं पूर्व सरपंच संघ अध्यक्ष रणजीत सिंह चंदेल ने राज्य सरकार द्वारा बिजली दरों में की गई 6.23 प्रतिशत वृद्धि की आलोचना करते हुए इसे आम उपभोक्ताओं और किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताया है। उन्होंने कहा कि नई दरें लागू होने के बाद घरेलू उपभोक्ताओं किसानों तथा छोटे व्यापारियों की मासिक लागत में बढ़ोतरी होगी जिसका असर सीधे उनके बजट पर पड़ेगा। जारी बयान में चंदेल ने कहा कि बढ़ी हुई बिजली दरों का प्रभाव सभी वर्गों पर दिखाई देगा। उनके अनुसार कम खपत वाले घरेलू उपभोक्ताओं से लेकर मध्यम वर्गीय परिवारों तक को अधिक राशि का भुगतान करना पड़ेगा जबकि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की लागत बढ़ने से बाजार में वस्तुओं और सेवाओं के दाम भी प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पहले से ही कृषि लागत बढ़ने की चुनौती बनी हुई है। ऐसे समय में कृषि पंपों की बिजली दरों में वृद्धि किसानों की परेशानी बढ़ा सकती है। चंदेल का कहना है कि खेती-किसानी से जुड़े खर्च लगातार बढ़ रहे हैं और बिजली दरों में बढ़ोतरी से उत्पादन लागत पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा। व्यावसायिक एवं औद्योगिक श्रेणी की बिजली दरों में वृद्धि का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसका असर अप्रत्यक्ष रूप से आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ेगा क्योंकि व्यापारिक प्रतिष्ठान बढ़ी हुई लागत का भार वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में जोड़ सकते हैं। मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना का जिक्र करते हुए चंदेल ने कहा कि सरकार को बिजली दरों में वृद्धि के बजाय उपभोक्ताओं को अधिक राहत देने की दिशा में काम करना चाहिए। उनका आरोप है कि राहत योजनाओं के दावों के बावजूद उपभोक्ताओं को वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा है। चंदेल ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण राज्य है इसलिए यहां के नागरिकों को किफायती दरों पर बिजली उपलब्ध कराने के लिए सरकार को प्रभावी कदम उठाने चाहिए। उन्होंने बिजली दर वृद्धि के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग करते हुए कहा कि जनहित को प्राथमिकता देना सरकार की जिम्मेदारी है।

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