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बाजार अतरिया में जल जीवन मिशन का कार्य अधूरा

सत्यमेव न्यूज बाजार अतरिया। केंद्र शासन की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन के तहत एकल ग्राम रेट्रोफिटिंग योजना में निर्मित की जा रही पानी टंकी का कार्य एक वर्ष बाद भी पूर्ण नहीं हो सका है। टेस्टिंग प्रक्रिया पूरी न होने और बिजली कनेक्शन लंबित रहने के कारण गांव में अब तक घर-घर पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई है। इससे ग्रामीणों में संबंधित विभाग और कार्य एजेंसी के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।

कार्य एजेंसी मेसर्स तापड़िया कंसल्टेंसी (प्रो.विष्णु तापड़िया) द्वारा लगभग 186.19 लाख रुपये की लागत से उच्च स्तरीय जलागार (120 केएल, 12 मीटर स्टेजिंग), 8452 मीटर यूपीवीसी पाइपलाइन, 8520 मीटर एचडीपीई पाइपलाइन, 30 केएल संपवेल टंकी, बाउंड्रीवाल और सबमर्सिबल पंप सहित अन्य निर्माण कार्य किए जाने हैं हालांकि निर्माण स्थल पर लगाए गए साइन बोर्ड में कार्य प्रारंभ एवं पूर्णता तिथि का उल्लेख नहीं है जिससे कार्य की पारदर्शिता और समय-सीमा पर प्रश्न उठ रहे हैं। टंकी का ढांचा लगभग तैयार बताया जा रहा है किंतु बिजली आपूर्ति के अभाव में टेस्टिंग नहीं हो पा रही है।

5 मार्च 2025 को राजनांदगांव विद्युत विभाग की विजिलेंस टीम ने निर्माण स्थल पर छापा मारकर बिजली चोरी का मामला पकड़ा था। जानकारी के अनुसार बिजली खंभे से डायरेक्ट हुकिंग कर निर्माण कार्य किया जा रहा था। विभाग ने 1,13,047 रुपये की पेनल्टी कार्य एजेंसी पर लगाई थी जिसे 1-2 माह में जमा करना था लेकिन लगभग एक वर्ष बीतने के बाद भी पेनल्टी राशि जमा नहीं की गई है। विभाग का स्पष्ट कहना है कि जब तक पेनल्टी का भुगतान नहीं होगा तब तक पानी टंकी को विधिवत बिजली कनेक्शन प्रदान नहीं किया जाएगा। परिणामस्वरूप पूरी योजना अधर में लटकी हुई है।

निरीक्षण के दौरान टंकी परिसर का मुख्य गेट खुला मिला। दो कमरे बिना ताले के खुले थे तथा 4-5 चैंबर भी खुले पाए गए। इससे बच्चों, राहगीरों और मवेशियों के लिए दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्व टंकी पर चढ़कर शराब सेवन करते देखे गए हैं जो सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।

पाइपलाइन बिछाने के लिए गांव की गलियों और सीसी सड़कों को जेसीबी से जगह-जगह खोदा गया है। कई स्थानों पर गड्ढे खुले पड़े हैं नालियां क्षतिग्रस्त हैं और गंदा पानी जमा हो रहा है। इससे राहगीरों को परेशानी और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि टेस्टिंग पूर्ण होने के बाद सड़कों को पूर्ववत किया जाना था किंतु अब तक सुधार कार्य नहीं किया गया। संबंधित विभागीय अधिकारियों द्वारा जो योजना को लेकर कुंभकरणीय नींद में सोए हुए हैं स्थल निरीक्षण न किए जाने से ग्रामीणों में विभाग और ठेकेदार की कार्यशैली को लेकर शंका गहराती जा रही है।

मार्च से भीषण गर्मी की शुरुआत होने वाली है और अभी से पेयजल संकट के संकेत मिल रहे हैं। यदि शीघ्र टेस्टिंग प्रक्रिया पूरी कर बिजली कनेक्शन की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में ग्रामीणों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि लंबित पेनल्टी की वसूली कर शीघ्र बिजली कनेक्शन दिलाया जाए तथा निर्माण और मरम्मत कार्य पूर्ण कर गांव में नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

Satyamev News

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