Advertisement
Uncategorized

*बाजार अतरिया क्षेत्र में भावपूर्ण मनाया गया ‘मातृ-पितृ पूजन दिवस’

सत्यमेव न्यूज बाजार अतरिया। एक तरफ 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे के रूप में चोरी छुपे लोग प्यार का इजहार करते नजर आए तो वहीं दूसरी तरफ 14 फरवरी को जहां एक ओर पाश्चात्य प्रभाव का रंग दिखाई देता है वहीं क्षेत्र में भारतीय संस्कृति की जड़ों को सींचने वाला एक भावनात्मक और प्रेरणादायी दृश्य उभरकर सामने आया। संत आसाराम बापू की प्रेरणा से मनाया जाने वाला ‘मातृ-पितृ पूजन दिवस’ क्षेत्र में श्रद्धा, कृतज्ञता और संस्कारों की गूंज के साथ संपन्न हुआ। गांव-गांव, गली-गली और विद्यालयों में बच्चों एवं युवाओं ने अपने माता-पिता तथा गुरुजनों के चरण पखारे, तिलक लगाया, पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। वातावरण में भक्ति, सम्मान और पारिवारिक एकता की अनुपम झलक देखने को मिली वही यह आयोजन केवल एक दिवस का कार्यक्रम न रहकर अब संस्कारों की पुनर्स्थापना का सशक्त अभियान बनता जा रहा है। जिस भाव से बच्चों ने माता-पिता एवं गुरुजनों के चरणों में शीश नवाया, वह दृश्य यह संदेश देता रहा कि भारतीय संस्कृति की आत्मा आज भी जीवित है।

छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रति वर्ष 14 फरवरी को विद्यालयों में मातृ-पितृ पूजन दिवस मनाने के निर्देश जारी किए गए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, पूर्व शिक्षा मंत्री एवं वर्तमान लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल तथा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा इस परंपरा को निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है।
पिछले वर्ष जशपुर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित कर इस अभियान को और अधिक सशक्त बनाने की घोषणा की गई थी, जिसके बाद इस वर्ष जिले सहित क्षेत्र में इसका प्रभाव और अधिक व्यापक रूप में देखने को मिला।

खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के साथ बाजार अतरिया क्षेत्र के विभिन्न गांवों, पंचायत भवन सभी स्कूलों में सामूहिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां समाज के सभी वर्गों की सहभागिता उल्लेखनीय रही। अनेक परिवारों ने घरों में ही पूजन कर सेवा, सम्मान और आज्ञापालन का संकल्प लिया। कार्यक्रम के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं सफल आयोजन में संत आसाराम बापू आश्रम राजनांदगांव, योग वेदांत सेवा समिति (गंडई, बिजलदेही एवं बाजार, अतरिया) तथा नंदनी नगर अहिवारा के साधक भाई-बहनों की सक्रिय भूमिका रही। साधकों ने लगभग एक माह पूर्व से गांव-गांव संपर्क कर लोगों को भारतीय संस्कृति के इस पर्व से जोड़ने का आग्रह किया।

Satyamev News

आम लोगों की खास आवाज

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page