बकाया बिजली बिल पर छुईखदान के सरकारी संस्थानों के कनेक्शन कटे

सत्यमेव न्यूज छुईखदान। लंबे समय से बिजली बिलों का भुगतान लंबित रहने के कारण विद्युत कंपनी द्वारा क्षेत्र के कई शासकीय कार्यालयों एवं संस्थानों के बिजली कनेक्शन विच्छेद किए जाने का मामला सामने आया है। कनेक्शन कटने से संबंधित कार्यालयों का नियमित कामकाज प्रभावित हुआ वहीं स्कूल एवं छात्रावास में बिजली आपूर्ति बाधित होने से विद्यार्थियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। मामले की जानकारी मिलने के बाद छात्रावास का विद्युत कनेक्शन तत्काल बहाल कर दिया गया।

मामले में करोड़ों के काम कराने और भ्रष्टाचार को लेकर सुर्खियों में रहने वाले बड़े विभाग भी शामिल बताये जा रहे है। जानकारी अनुसार जल संसाधन विभाग के डिवीजन कार्यालय, सब डिवीजन पिपरिया, जलाशय, पीएमश्री सेजेस तथा बालक शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सहित अन्य शासकीय संस्थानों के बिजली बिल लंबे समय से लंबित बताए जा रहे हैं। बकाया राशि का समय पर भुगतान नहीं होने पर विद्युत कंपनी की ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से संबंधित कनेक्शनों को विच्छेदित किया गया।

स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद बिजली खपत, बिलिंग एवं भुगतान की स्थिति ऑनलाइन दर्ज हो रही है। निर्धारित अवधि में बिल का भुगतान नहीं होने पर सिस्टम में बकाया राशि दर्ज होने के साथ नियमानुसार कनेक्शन विच्छेद की कार्रवाई की जाती है। इसी प्रक्रिया के तहत शासकीय संस्थानों के लंबित बिजली बिलों पर भी कार्रवाई की गई। जानकारी मिलते ही छात्रावास की बिजली बहाल
स्कूल एवं छात्रावास का कनेक्शन कटने की जानकारी मिलने के बाद प्रबंधन की ओर से विद्युत विभाग को सूचना दी गई। विद्युत कंपनी के कनिष्ठ अभियंता अमन कुमार ने बताया कि स्कूल एवं छात्रावास में विद्युत आपूर्ति बाधित होने की जानकारी प्राप्त होते ही छात्रावास का कनेक्शन पुनः बहाल कर दिया गया है।

बिजली आपूर्ति बाधित होने से छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई एवं दैनिक गतिविधियां प्रभावित हुईं वहीं शासकीय कार्यालयों में कनेक्शन विच्छेद होने से कर्मचारियों के नियमित कार्यों पर भी असर पड़ा। आवश्यक सेवाओं से जुड़े संस्थानों में बिजली आपूर्ति बाधित होने को लेकर स्थानीय स्तर पर भी चिंता जताई जा रही है।

शासकीय संस्थानों के बिजली बिल लंबे समय तक लंबित रहने से ऐसी स्थिति निर्मित होना विभागीय स्तर पर बिलों की नियमित समीक्षा और समय पर भुगतान व्यवस्था की आवश्यकता को सामने लाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल, छात्रावास एवं आवश्यक सेवाओं से जुड़े शासकीय संस्थानों के बिलों का समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि बिजली आपूर्ति बाधित होने से विद्यार्थियों और आम लोगों को परेशानी न हो।

Exit mobile version