प्रधानपाठ डेम की बदहाली पर बवाल, किसानों की प्यास और नेताओं की चुप्पी

विधायक प्रतिनिधि मनराखन देवांगन बोले डेम बन गया भ्रष्टाचार का अड्डा, बड़ा खतरा मंडरा रहा

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। करोड़ों रुपये की लागत से बनी प्रधानपाठ डेम आज बदहाली और लापरवाही का शिकार है। विधायक यशोदा नीलाम्बर वर्मा के निर्देश पर मिशन संडे की टीम ने संयोजक मनराखन देवांगन के नेतृत्व में डेम का निरीक्षण किया। मौके पर देखा गया कि बैराज के तीन गेट पूरी तरह टूट चुके हैं और एकमात्र गेट भी किसी भी वक्त जवाब दे सकता है। देवांगन ने कहा कि कभी किसानों और ग्रामीणों की जीवनरेखा रही यह डेम अब पिकनिक स्पॉट बन गई है। टूटे गेटों पर लोग ऐसे झूल रहे थे जैसे किसी मेले का झूला हो। हर साल कागजों पर लाखों रुपये की मरम्मत दिखा दी जाती है लेकिन हकीकत जस की तस है। किसान पानी को तरस रहे हैं। आदिवासी अधिकारों के लिए भटक रहे हैं और गरीब महंगाई व आपदा से जूझ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया अगर गेट टूटा था तो खोला कैसे गया और अगर खुला था तो बाढ़ क्यों आई? 26 जुलाई की बाढ़ में हजारों लोग प्रभावित हुए, फसलें डूबीं, घर उजड़े और एक युवक की मौत हुई, लेकिन प्रशासन और जल संसाधन विभाग केवल बयानबाजी करते रहे। देवांगन ने चेतावनी दी कि डेम की जर्जर हालत केवल तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि सरकार की बेरुख़ी और भ्रष्टाचार का जीता-जागता सबूत है। अगर तत्काल सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में यह डेम खैरागढ़ और आसपास के गांवों के लिए बड़े खतरे से कम नहीं होगी।
निरीक्षण में नेता प्रतिपक्ष दीपक देवांगन सहित अरुण भारद्वाज, विप्लव साहू, यतेंद्रजीत सिंह, दिलीप लहरे, रविंद्र सिंह ग़हरवार, पूरन सारथी, शेखर दास वैष्णव, भरत चंद्राकर, भूपेंद्र वर्मा, सूरज देवांगन, उमेश साहू, यादव सारथी, आकाश सारथी, विनोद सिन्हा, हरिदर्शन ढीमर, नरेश सिन्हा, रामगोपाल वर्मा, योगेश जंघेल, चैतूराम वर्मा, राहुल बंजारे सहित संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।