
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) जिले के छोटे खाद्य प्रसंस्करण उद्यमियों के लिए आर्थिक मजबूती का आधार बन रही है। योजना के माध्यम से सूक्ष्म उद्योगों को आधुनिक तकनीक वित्तीय सहायता और विपणन सहयोग मिलने से न केवल उत्पादन क्षमता बढ़ रही है बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के माध्यम से संचालित इस योजना के तहत उद्यमियों को परियोजना निर्माण बैंक ऋण तकनीकी परामर्श और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही क्रेडिट लिंक्ड 35 प्रतिशत अनुदान ब्रांडिंग पैकेजिंग एवं विपणन संबंधी मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है। ग्राम साल्हेवारा के महेशराम डहरिया ने योजना का लाभ लेकर अपनी मिनी राइस मिल का आधुनिकीकरण किया है। आधुनिक मशीनों के उपयोग से उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई और उनकी मासिक आय में लगभग 10 हजार रुपये का इजाफा हुआ है। वहीं ग्राम अकरजन के अमित कुमार डहेरिया ने जनवरी 2026 में योजना के सहयोग से सोन पापड़ी निर्माण इकाई शुरू की है। उनका उत्पाद मोहित स्वीट्स ब्रांड के नाम से बाजार में उपलब्ध है। वित्तीय और तकनीकी सहयोग मिलने से व्यवसाय का विस्तार हुआ तथा उत्पाद की गुणवत्ता और बाजार तक पहुंच में सुधार आया है।वर्तमान में उनकी इकाई में पांच स्थानीय लोगों को रोजगार मिला हुआ है और उन्हें प्रतिमाह लगभग 18 हजार रुपये की आय हो रही है। महेशराम डहरिया और अमित कुमार डहेरिया ने योजना से मिले सहयोग के लिए जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र का आभार जताते हुए जिले के अन्य युवाओं से भी स्वरोजगार अपनाने के लिए इस योजना का लाभ लेने की अपील की है। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र का कहना है कि अधिक से अधिक युवाओं और सूक्ष्म उद्यमियों को पीएमएफएमई योजना से जोड़ने के लिए लगातार जागरूकता अभियान और मार्गदर्शन कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं ताकि जिले में खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा मिलने के साथ रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सके।