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नेशनल लोक अदालत में 41,355 प्रकरणों का हुआ निराकरण

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के तत्वावधान में तालुका विधिक सेवा समिति खैरागढ़ द्वारा 14 मार्च 2026 को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस लोक अदालत में प्रकरणों का निराकरण भौतिक उपस्थिति के साथ-साथ वर्चुअल कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी किया गया जिससे पक्षकारों को सुलह के आधार पर त्वरित न्याय का लाभ मिला। नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ पक्षकारों द्वारा मां सरस्वती के तैलचित्र पर पूजा-अर्चना कर किया गया। इस अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस भी मनाया गया जिसमें उपस्थित महिला न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों और अधिवक्ताओं का स्वागत बैच लगाकर तथा उपहार प्रदान कर किया गया। कार्यक्रम में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश मोहनी कंवर, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट निधि शर्मा, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी आकांक्षा खलखो सहित न्यायालयीन अधिकारी, अधिवक्ता, कोर्ट स्टाफ और पैरालीगल वालंटियर्स उपस्थित रहे। विभिन्न न्यायालयों में प्रकरणों का निराकरण
जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश मोहनी कंवर की अदालत में कुल 25 प्रकरणों का आपसी सहमति से निराकरण किया गया इनमें 6 दावा प्रकरणों में 26 लाख 75 हजार रुपये, 5 अन्य सिविल प्रकरणों में 15 लाख 4 हजार 500 रुपये तथा 3 आपराधिक कंपाउंडेबल मामलों में 8 लाख 75 हजार रुपये की अवार्ड राशि पारित की गई। इसके अलावा प्री-लिटिगेशन के अंतर्गत बैंक रिकवरी के एक मामले में 10,164 रुपये, बीएसएनएल के 9 मामलों में 7,939 रुपये तथा विद्युत विभाग के एक मामले में 11,029 रुपये का निपटारा हुआ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट निधि शर्मा की अदालत में ट्रैफिक चालान के 498 मामलों में 49,800 रुपये का निपटारा किया गया वहीं धारा 321, 258 सीआरपीसी सहित अन्य लघु अपराधों के 126 मामलों में 63,000 रुपये की अवार्ड राशि पारित हुई। इसके अलावा एनआई एक्ट की धारा 138 (चेक बाउंस) के 9 मामलों में 32 लाख 37 हजार 489 रुपये की अवार्ड राशि पारित की गई तथा 10 आपराधिक मामलों में भी आपसी समझौता हुआ। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी आकांक्षा खलखो की अदालत में ट्रैफिक चालान के 232 मामलों में 23,200 रुपये तथा धारा 321, 258 सीआरपीसी एवं अन्य लघु अपराधों के 7 मामलों में 3,500 रुपये की अवार्ड राशि पारित हुई। इसके अतिरिक्त 5 आपराधिक कंपाउंडेबल तथा 3 अन्य सिविल मामलों में भी पक्षकारों के बीच आपसी सहमति से समझौता कराया गया। इसी प्रकार राजस्व न्यायालयों में 40,440 प्रकरणों का निराकरण करते हुए 2 करोड़ 30 लाख 41 हजार 979 रुपये की अवार्ड राशि पारित की गई।

प्री-सिटिंग से मिली समझौते में मदद

तालुका विधिक सेवा समिति द्वारा लोक अदालत से पूर्व प्री-सिटिंग की व्यवस्था भी की गई थी जहां पक्षकारों को आपसी सुलह के माध्यम से विवादों का समाधान करने के लिए प्रेरित किया गया। इस प्रकार नेशनल लोक अदालत में कुल 41,355 प्रकरणों का निराकरण हुआ जिसमें कुल 3 करोड़ 15 लाख 3 हजार 601 रुपये की अवार्ड राशि पारित की गई। सफल आयोजन में इनका रहा योगदान
लोक अदालत के सफल आयोजन में न्यायिक कर्मचारियों, पैरालीगल वालंटियर्स तथा अधिवक्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इसमें न्यायिक कर्मचारी देवेंद्र चंदेल, दिनेश शर्मा, चंदन साहू, मनोहर देवांगन, आर.के.लांझकर, उमेश राजपूत, गोरेलाल, पुष्पेंद्र, मुरली देवांगन, मेघा, धनंजय सेवेलकर, अमरनाथ जायसवाल, भुनेश्वर कौशिक, सिद्धार्थ तिवारी, राजेश खरे सहित कोर्ट स्टाफ तथा पैरालीगल वालंटियर गोलूदास साहू, कला प्रजापति और छविराज शामिल रहे साथ ही सुलहकर्ता अधिवक्ता सुरेश ठाकुर, गिरिराज ठाकुर, संदीप दास वैष्णव, शक्ति सिंह गहलोत, भुवनेश्वर वर्मा, विक्रम यदु, नीरज झा, मेनुका साहू, संतू साहू, योगेश चंदेल, सुनीलकांत पांडे, मिहिर झा, चंद्रशेखर वर्मा, उमाकांत महोबिया, ए.डी. वर्मा, सर्वेश ओसवाल, शत्रुघ्न वर्मा, विवेक कुर्रे, मनोज चौबे, नीरज साहू, बी.एल. वर्मा, एस.के. दास, सत्यकला वर्मा, सुबोध पांडे, रोशन वर्मा, महेश साहू, मनराखन देवांगन, टी.के. चंदेल, रामकुमार जांगड़े, गजेंद्र ठाकरे, सूर्यदमन सिंह, सुप्रीत सिंह, घम्मन साहू, दीपेश ठाकुर, कौशल कोसरे सहित अन्य वरिष्ठ अधिवक्ताओं का विशेष सहयोग रहा।

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