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धान खरीदी की समय सीमा बढ़ाने की मांग, 10 फरवरी को सीएम हाउस घेराव की चेतावनी

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। प्रदेश में धान खरीदी को लेकर सियासत तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि सरकार द्वारा धान खरीदी की अवधि कम रखने के कारण लाखों किसान अपना धान बेचने से वंचित रह गए हैं। पार्टी ने धान खरीदी की तिथि बढ़ाने की मांग करते हुए 10 फरवरी को मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने की घोषणा की है। पत्रकार वार्ता में कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा ने कहा कि सरकार ने 15 नवंबर 2025 से धान खरीदी शुरू कर 6 फरवरी को बंद कर दी जबकि बड़ी संख्या में किसानों का धान अब तक नहीं खरीदा जा सका है। उन्होंने आरोप लगाया कि खरीदी की अवधि कम रखना किसानों के साथ अन्याय है खासकर उन किसानों के साथ जिन्होंने कर्ज लेकर खेती की है। प्रदेश अध्यक्ष किसान विंग तारेंद्र चंद्राकर ने बताया कि धान बिक्री की राशि निकालने के लिए किसानों को सहकारी बैंकों में घंटों इंतजार करना पड़ रहा है और एक बार में केवल 25 हजार रुपये ही दिए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने खरीदी केंद्रों की दैनिक सीमा कम कर दी जिससे किसानों को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ा। साथ ही टोकन जारी करने से पहले अधिकारियों द्वारा भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया को भी किसानों के लिए परेशानी भरा बताया। जिला अध्यक्ष मनोज गुप्ता ने केंद्र सरकार की विदेश व्यापार नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि अमेरिका के कृषि उत्पादों पर शून्य प्रतिशत शुल्क लगाने से देश के किसानों और डेयरी उत्पादकों को नुकसान हो सकता है। उनका कहना है कि इससे घरेलू कृषि व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। प्रदेश मीडिया प्रभारी मिहिर कुर्मी ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में करीब तीन लाख किसान धान बेचने से वंचित रह गए हैं। उन्होंने कहा कि कर्ज में डूबे किसानों की आर्थिक स्थिति गंभीर हो सकती है और इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी। जिला महासचिव श्याम मूर्ति नायडू ने सरकार से किसानों से जबरन रकबा समर्पण कराए जाने पर माफी मांगने और टोकन व्यवस्था को सुचारू करने की मांग की। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि आवश्यक हो तो सहकारी समितियों के माध्यम से सीधे धान खरीदी की जाए तथा खरीदी की अंतिम तिथि 28 फरवरी तक बढ़ाई जाए ताकि सभी किसान अपना धान बेच सकें।

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