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राजनांदगांव

धर्मयात्रा के 30वें पड़ाव में कार्यसिद्धि हनुमान मंदिर पहुंचे धर्मयात्री

सत्यमेव न्यूज़/खैरागढ़. अपार जनसमुदाय के बीच धर्मयात्रा अलख जगाते हुये धर्मयात्रा के 30वें पड़ाव में धर्मयात्री छुईखदान के हृदय स्थल में सुरम्य वातावरण के बीच बड़े तालाब के तट पर पंचमुख स्वरूप में विराजमान कार्यसिद्धि हनुमान दरबार पहुंचे. हनुमान चालीसा के इस पड़ाव में सहभागी बनने श्री रुक्खड़ स्वामी सिद्धपीठ के मुख्य पुरोहित व भागवत कथाकार पं.धमेंद्र महाराज, गिरिराज किशोर दास व उनके अनुज देवराज किशोर दास भी शामिल हुये जिन्होंने धर्मयात्रा प्रमुख भागवत शरण सिंह का स्वागत किया. सुंदरकांड के पाठ में वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद शर्मा, जीवन कामड़े सहित अन्य शामिल हुये. इस दौरान धर्मयात्री राजीव चंद्राकर, विजय प्रताप सिंह, शिवम नामदेव, अजय वर्मा, निखिल चावड़ा, अजेन दशरिया, भीखू वर्मा सहित अन्य सभी का तिलक लगाकर भेंट देकर सम्मानित किया. धर्मयात्रा में हनुमत भजनों की श्रृंखला की प्रस्तुति दे रहीं विधा सिंह राठौर और गायक व वादक राम को श्री जगन्नाथ सेवा समिति के वरिष्ठ सदस्यगण संजीव दुबे, शरद श्रीवास्तव, लाल जेके वैष्णव, अशोक भाई, गिरीश श्रीवास व आलोक यादव ने सम्मानित किया.

समिति के प्रमुख आदित्य देव वैष्णव ने बताया कि धर्मयात्रा के अब 2 पड़ाव छुईखदान नगर में शेष हैं जिसमें 31वां पड़ाव राजमहल स्थित गढ़ी हनुमान मंदिर में होगा वहीं 32वां पड़ाव श्री जगन्नाथ मंदिर में होगा. इसके बाद यात्रा नगर से लगे हुये ग्राम लक्ष्मणपुर की ओर रुख करेगी. समिति के संस्थापक सदस्य संजीव दुबे ने धर्मप्रेमियों से अधिक से अधिक संख्या में यात्रा में सम्मिलित होने की अपील की है. समिति के सदस्य शरद श्रीवास्तव ने बताया कि हनुमान जी 250 साल से विराजमान हैं. सुंदरकांड से पूर्व धर्मयात्रा प्रमुख भागवत शरण सिंह ने कहा कि मंदिर हमारे शक्तिपुंज हैं, इन्हें पुनर्जागृत करने की आवश्यकता है. सप्ताह के सभी दिन भगवान के होते हैं. इसलिये नियमित रूप से मंदिरों में इक_ा हों. भागवत शरण ने कहा कि हनुमान जी कलियुग में सशरीर मौजूद हैं. सुंदरकांड का पाठ, पठन करने वाले व्यक्ति के हृदय में शक्ति का संचार करता है.

Satyamev News

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