धर्मनगरी डोंगरगढ़ डोंगरगांव में अवैध शराब का फैलता कारोबार, आबकारी विभाग पर उठे सवाल

सत्यमेव न्यूज राजनांदगांव। धार्मिक नगरी डोंगरगढ़ और डोंगरगांव सहित आसपास के क्षेत्रों में अवैध शराब का कारोबार लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रतिबंध और कार्रवाई के दावों के बावजूद गांव गांव में खुलेआम बिक्री से प्रशासन और आबकारी विभाग की भूमिका पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभागीय उदासीनता के कारण यह अवैध धंधा फल-फूल रहा है। सूत्रों के अनुसार आबकारी विभाग में लोकेशन अफसर के रूप में तैनात साहिल वर्मा उर्फ तोमेश्वर वर्मा के आने के बाद कोचियागिरी बढ़ी है। आरोप हैं कि वे दुकानदारों और कर्मचारियों पर दबाव बनाकर अवैध वसूली कर रहे हैं तथा ट्रांसफर और नौकरी से हटाने की धमकियां दी जा रही हैं। उनके पूर्व में गार्ड और मैनपावर एजेंसी से जुड़े होने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि बेलगांव, डोंगरगांव, अर्जुनी, कोपपुर, बगनदी और मेढा क्षेत्रों में अवैध शराब की आपूर्ति लगातार हो रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि आबकारी विभाग के कुछ अधिकारी और कर्मचारी पूरे नेटवर्क को संरक्षण दे रहे हैं जिससे नियंत्रण के प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। यह भी चर्चा में है कि साहिल वर्मा को पहले बगनदी भट्टी से गलत गतिविधियों के कारण हटाया गया था और जिले की शराब भट्टियों से प्रतिबंधित किया गया था। अब उनकी वापसी को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। पुलिस प्रशासन के सख्त दावों के बावजूद स्थिति में खास सुधार नहीं दिख रहा जिससे यह चिंता गहराती जा रही है कि धर्मनगरी नशे के बढ़ते जाल से कब मुक्त होगी।

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