दूषित पानी से डायरिया का प्रकोप, खैरागढ़ से लगे विधायक के गृहग्राम देवारीभाट में 40 से अधिक लोग बीमार

विधायक के गांव तक नहीं पहुंच पा रहीं स्वास्थ्य योजनाएं
शासन की योजनाओं और सुविधाओं को लेकर उठ रहा सवाल
अव्यवस्थित नल-जल योजना बनी बीमारी की वजह
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। विधायक खैरागढ़ के गृहग्राम देवारीभाट में दूषित पानी से बीमारी फैलने का खतरा गहरा गया है। बीते तीन दिनों में गांव के करीब 40 लोग डायरिया (उल्टी-दस्त) की चपेट में आ चुके हैं। अधिकतर मरीज खैरागढ़ सिविल अस्पताल में उपचार के लिये पहुंचे जहां बेड की कमी के चलते कई मरीजों को ओपीडी से ही दवा देकर छुट्टी करनी पड़ी वहीं कुछ को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ा। ग्रामीणों के अनुसार नल-जल योजना की पाइप-लाइन नालियों से होकर गुजर रही है। इसके अलावा जगह-जगह पाइप में छेद कर ग्रामीणों द्वारा कनेक्शन लेने से नालियों का दूषित पानी सीधे घरों तक पहुंच रहा है। बरसात में हालात और गंभीर हो गए हैं। गलियों में नालियों और खेतों का पानी घुटनों तक भर जाने से गंदगी पूरे गांव में फैल गई है। लोगों का कहना है कि विधायक के गृहग्राम में भी स्वच्छ पेयजल और नाली व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधा नहीं है और शासन की योजनाएं धरातल पर नहीं उतर पा रही है। कुछ ग्रामीणों का आरोप है कि विपक्ष का विधायक होने के कारण प्रशासनिक सुविधा समय पर नहीं मिल पा रही और खामियाजा ग्रामीण भुगत रहे हैं।
विधायक ने स्वास्थ्य अमले को दी जानकारी जिसके बाद गांव में लगाया गया शिविर
स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति को देखते हुए गांव में विशेष स्वास्थ्य शिविर शुरू कर दिया है और टीम घर-घर जाकर परामर्श भी दे रही है। विधायक यशोदा वर्मा ने बताया कि वह दो दिनों से रायपुर प्रवास पर है और जानकारी मिलते ही प्रशासन को मामले की जानकारी देकर चिकित्सकों का दल गांव भेजा गया है। हालांकि हालात अब सामान्य होने लगे हैं लेकिन दूषित पानी की समस्या ने स्वास्थ्य योजनाओं की जमीनी हकीकत उजागर कर दिया है।