दनिया माइनर नहर पर अतिक्रमण का आरोप, पुनर्निर्माण की उठी मांग

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। विकासखंड छुईखदान के ग्राम चारभाठा में रतवा बांध पतरझोरी जलाशय से निकली दनिया माइनर नहर को लेकर पहली बार औपचारिक शिकायत सामने आई है। कलेक्टर के जनदर्शन कार्यक्रम में प्रस्तुत आवेदन में नहर और उससे जुड़े सर्विस रोड के पुनर्निर्माण के साथ ही जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। आवेदन में उल्लेख है कि वर्ष 2005 में बनी इस नहर को वर्ष 2015 के दौरान चैन क्रमांक 61 से 76 के बीच कुछ लोगों ने क्षतिग्रस्त कर समतल कर दिया। आरोप है कि नहर की भूमि को खेत में मिला लेने से जल प्रवाह पूरी तरह बाधित हो गया है। इसके साथ ही नहर किनारे बना सर्विस मार्ग भी बंद हो गया जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिकायतकर्ता ने यह भी कहा है कि मामले में पूर्व में उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई जिससे लोगों में नाराजगी है। आवेदन में तत्काल नहर के पुनर्निर्माण और मार्ग बहाली की मांग की गई है। हालांकि आवेदन में शिकायतकर्ता का नाम और पूरा पता दर्ज नहीं है केवल हस्ताक्षर और एक मोबाइल नंबर उल्लेखित है। संपर्क करने पर संबंधित व्यक्ति ने बाद में बात करने की बात कही। इधर ग्राम दनिया के सरपंच मंगलूराम साहू ने बताया कि संबंधित स्थल पर पहले नहर मौजूद थी जिसे कुछ ग्रामीणों द्वारा समतल कर खेत में शामिल किए जाने की जानकारी मिली है। उन्होंने आशंका जताई कि मुआवजा विवाद के चलते ऐसा किया गया हो सकता है। वहीं उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें इस नई शिकायत की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है जानकारी मिलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

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