तीज पर्व पर खैरागढ़ अंचल में उत्साहपूर्ण माहौल, कड़ू भात खाकर महिलाओं ने रखा निर्जला व्रत

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। भादो मास की पावन तीज पर सोमवार को महिलाओं ने परंपरा अनुसार कड़ू भात (करेला-भात) का सेवन कर निर्जला व्रत की शुरुआत की। शाम 8 बजे से ही नगर और ग्रामीण अंचलों में महिलाएं सखी-सहेलियों के साथ एक-दूसरे के घर पहुंचीं और कड़ू भात खाकर तीज व्रत का शुभारंभ किया।

तीज से एक दिन पहले कड़ू भात खाने की परंपरा है। इसके बाद महिलाएं अगले दिन निर्जला व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना करती हैं। मान्यता है कि इस व्रत से पति की लंबी आयु, संतान सुख और परिवार में सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।

तीज पर्व को लेकर खैरागढ़ सहित छुईखदान, गंडई, साल्हेवारा, मुढ़ीपार, जालबांधा, बाजार और सड़क अतरिया, पांडादाह, ठेलकाडीह, दनिया-बुंदेली, गातापार जंगल, विक्रमपुर-देवरी के बाजारों में करेले की जबरदस्त खरीदी हुई और महिलाएं श्रद्धा से परंपरा निभाती नजर आयी। बताया जा रहा है कि करेला ₹40 से ₹100 किलो तक अलग-अलग जगह में बिकता नजर आया। रविवार को करेले की मांग बहुत ज्यादा रही और इसलिए इसकी कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला। मंदिरों में भी विशेष पूजा-अर्चना की तैयारियां की गई है। देर रात तक शहर के साथ ही गांवों की महिलाएं तीज व्रत के दौरान सोलह श्रृंगार कर पारंपरिक गीतों और पूजा-अर्चना में डूबी रही। श्रद्धा और आस्था से सराबोर वातावरण में तीज का पर्व मंगलवार को संपन्न होगा।

तीज पर्व के अवसर पर विवाहित महिलाओं का अपने मायके आने-जाने का सिलसिला पिछले चार-पांच दिनों से लगातार जारी है। परंपरागत रूप से तीजहारिन महिलाओं का मायके जाना इस पर्व का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
इस आवागमन के कारण जिले के बस स्टैंड में इन दिनों भारी भीड़ देखी जा रही है। हालात यह हैं कि बसों में पांव रखने तक की जगह नहीं मिल रही। बस के आलावा निजी वाहन भी लगातार भरे हुए चल रहे हैं। यात्रियों की संख्या में अप्रत्याशित बढ़ोतरी से जिले की मुख्य सड़कों पर दिनभर भीड़भाड़ बनी हुई है। जगह-जगह जाम की स्थिति भी देखने को मिल रही है और वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। लोगों का कहना है कि यह भीड़ तीज के पारंपरिक महत्व को तो दर्शाती है लेकिन यातायात व्यवस्था को संभालने में प्रशासन को अतिरिक्त चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

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