तंबाखू के दुष्प्रभावों को रोकने में होम्योपैथी कारगर – डॉ नीता शर्मा

सत्यमेव न्यूज़ डेस्क. विश्व तंबाखू निषेध दिवस (world no tobacco day) पर वरिष्ठ होमिओपैथी चिकित्सक डॉ.नीता शर्मा (Dr.Neeta Sharma) का कहना है कि तंबाखू से होने वाली बीमारी जिसे Submucus Fibrosis या मुंह का कम खुलना जो कि कर्क रोग से पहले की स्तिथि होती है जिसमें मुह नामात्र खुलता है और ज़्यादा गंभीर होने पर बिल्कुल भी नहीं खुलता है जो कि उपचार और अनदेखी की वजह से मुह के कैंसर या कर्क रोग में तब्दील हो जाता है. ऐसे में होम्योपैथी (Homeopathy) में बहुत ही कारगर दवाएं हैं जो समस्या को आगे बढ़ने नहीं देती साथ ही उसका पूरा उपचार भी कर देती हैं.
धूम्रपान (Smoking) की वजह से होने वाली फेफड़े की गंभीर समस्या जैसे Emphysema, Bronchitis आदि को भी होम्योपैथी की मदद से बचाया जा सकता है. डॉ.शर्मा ने उन सभी तंबाखू का सेवन करने वालों से अपील की है कि तंबाखू एक धीमा ज़हर (Poison) है, ये आपको तो खत्म करता ही है साथ ही आपके आसपास वालों और परिजनों को भी नुकसान पहुंचाता है इसलिए इसका सेवन न करें. डॉ नीता शर्मा अपने अनुभवों से आगे बताती हैं कि ज़्यादातर अवसादग्रस्त एवं उन्माद से गुजर रहे लोग इसका सहारा लेते हैं जो धीरे-धीरे लत बनने लगता है. आप अपने डॉक्टर की मदद से उनके परामर्श एवं मार्गदर्शन से ऐसी बुरी लत से निजात पा सकते हैं और भविष्य में होने वाली गंभीर समस्या से खुद को एवं अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं .