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ड्रोन दीदी बनकर सावित्री ने बदली अपनी आजीविका, 40 गांवों में 2,100 एकड़ में किया किटनाशक का छिड़काव

खैरागढ़। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ग्राम खपरीतेली निवासी श्रीमती सावित्री साहू ग्रामीण महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की मिसाल बनकर उभरी हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़कर उन्होंने आधुनिक कृषि तकनीक को अपनी आजीविका का माध्यम बनाया है। जय भवानी स्व-सहायता समूह की सदस्य सावित्री साहू आज ‘नमो ड्रोन दीदी’ के रूप में किसानों को खेतों में उर्वरकों एवं कीटनाशकों के छिड़काव की सुविधा उपलब्ध करा रही हैं। वर्ष 2018 से स्व-सहायता समूह से जुड़ी सावित्री साहू को नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत 5 लाख रुपये की ऋण सहायता मिली। उन्होंने इफको के माध्यम से 15 दिवसीय ड्रोन पायलट प्रशिक्षण प्राप्त किया जिसके बाद उन्हें ड्रोन स्प्रेयर मशीन एवं इलेक्ट्रिक वाहन उपलब्ध कराया गया।आधुनिक तकनीक के उपयोग से सावित्री साहू अब तक लगभग 40 गांवों में 2100 एकड़ फसल में छिड़काव कर चुकी हैं। इसके लिए उन्हें प्रति एकड़ 300 रुपये की दर से अब तक 6.30 लाख रुपये से अधिक की आय प्राप्त हुई है। उनकी सेवाओं से किसानों को कम समय में छिड़काव की सुविधा मिल रही है वहीं कृषि कार्यों में ड्रोन तकनीक के उपयोग को भी बढ़ावा मिल रहा है।सावित्री साहू ने 13 नवंबर 2025 को आकाशवाणी के ‘दीदी के गोठ’ कार्यक्रम में भी अपने अनुभव साझा किए थे। उनकी सफलता इस बात का उदाहरण है कि स्व-सहायता समूह, प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और आधुनिक तकनीक के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर अपनी आजीविका को नई दिशा दे सकती हैं। उनकी यह पहल क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत है।

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