डेंजर जोन बना लांजी मोड़: फल दुकान में घुसी स्कूटी

प्रशासन की अतिक्रमण हटाने कार्रवाई नाकाम

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। शहर का लांजी मोड़ अब पूरी तरह से डेंजर जोन बन चुका है। लगातार बढ़ते अतिक्रमण सड़क किनारे सजते ठेले और बेतरतीब खड़ी मोटरसाइकिलों के कारण यहां आए दिन ट्रैफिक बाधित हो रहा है और अब यह क्षेत्र आम नागरिकों के लिए जानलेवा साबित होने लगा है। रविवार को इसी मोड़ पर एक महिला की स्कूटी अनियंत्रित होकर फल दुकान में जा घुसी जिससे वह और उसके साथ बैठी बच्ची घायल हो गईं।
अतिक्रमण बना दुर्घटनाओं की वजह

लांजी मोड़ पर रोज़ की तरह सड़क किनारे फल, गुपचुप और अन्य खाद्य सामग्री के ठेले लगे हुए थे। इन ठेलों के सामने खड़ी दोपहिया वाहनों की लाइन ने सड़क को लगभग बंद कर दिया था। ऐसे में तेज़ी से आ रही एक स्कूटी अचानक नियंत्रण खो बैठी और सीधे एक फल दुकान में जा घुसी। टक्कर के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायल महिला और बच्ची को स्थानीय लोगों ने निजी अस्पताल पहुँचाया। इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों का कहना है कि यह हादसा कोई नई बात नहीं है। पिछले कई महीनों से यहाँ इसी तरह की घटनाएं होती रही हैं। बीते शनिवार को एसडीएम, तहसीलदार, नगर पालिका और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुँचकर अतिक्रमण हटाने की औपचारिक कार्रवाई की थी। दुकानदारों को चेतावनी दी गई और गार्डन क्षेत्र में दुकानें लगाने का विकल्प भी सुझाया गया लेकिन अगले ही दिन कब्जाधारी दोबारा सड़क पर लौट आए।
स्थानीय लोग बोले केवल फोटो खिंचवाने आती है टीम

स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन केवल खानापूर्ति करता है। हर बार अधिकारी आते हैं चेतावनी देते हैं फोटो खिंचवाते हैं और चले जाते हैं लेकिन कार्रवाई का कोई असर जमीन पर नहीं दिखता एक रहवासी ने नाराज़गी जताई।
स्कूल टाइम में रहता है सबसे ज्यादा खतरा
लांजी मोड़ और टेंपो चौक जैसे इलाकों में स्कूल समय के दौरान सड़क पर सबसे ज्यादा भीड़ होती है। छात्र-छात्राएं, अभिभावक और आम राहगीर एक ही मार्ग से गुजरते हैं। अतिक्रमण और अव्यवस्थित पार्किंग के चलते दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। अब तक कई छोटे हादसे हो चुके हैं लेकिन किसी ठोस सुधार की दिशा में कदम नहीं उठाया गया।
प्रशासनिक चुप्पी पर उठ रहे सवाल
कार्रवाई के नाम पर प्रशासनिक टीम मौक़े पर पहुँचकर महज़ चेतावनी देकर लौट जाती हैं। न तो ठेले जब्त किए जाते हैं न ही स्थायी अतिक्रमण हटाया जाता है। सवाल यही है कि क्या कोई बड़ी अनहोनी होने के बाद ही सिस्टम जागेगा? नागरिकों ने प्रशासन से माँग की है कि लांजी मोड़ को अतिक्रमण मुक्त किया जाए, सड़क किनारे पार्किंग पर सख्ती से रोक लगाई जाए और इस क्षेत्र को नो वेंडिंग जोन घोषित कर स्थायी निगरानी की व्यवस्था की जाए।