Uncategorized

इन्दिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में पुरालिपि एवं पुरालेख अध्ययन विषय पर सात दिवसीय कार्यशाला 16 से

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। इन्दिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के रवीन्द्र बहादुर संग्रहालय में कुलपति प्रो.(डॉ.) लवली शर्मा के संरक्षण तथा संस्कृति विभाग छ.ग. शासन के सहयोग से सात दिवसीय कार्यशाला आयोजित है। उक्त कार्यशाला के ब्रोशर का विमोचन कुलपति के द्वारा किया गया। इस दौरान अधिष्ठाता कला संकाय प्रो. राजन यादव व संग्रहालय अध्यक्ष डॉ. आशुतोष चौरे उपस्थित रहे। पुरालिपि एवं पुरालेख अध्ययन विषय पर 16 से 22 फरवरी 2026 तक आयोजित सात दिवसीय कार्यशाला के निदेशक प्रो. (डॉ.) राजन यादव अधिष्ठाता कला संकाय हैं। विषय विशेषज्ञ के रूप में डॉ. टी.एस. रविशंकर भूतपूर्व निदेशक भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण मैसूर उपस्थित होंगे। परामर्श मंडल में कुलसचिव, वित्त अधिकारी हैं तथा कार्यक्रम के संयोजक डॉ. आशुतोष चौरे संग्रहालय अध्यक्ष हैं। आयोजन समिति में सह-प्राध्यापक हिन्दी विभाग डॉ. देवमाईत मिंज, सहायक प्राध्यापकगण डॉ. पूर्णिमा केलकर संस्कृत विभाग, डॉ. रविनारायण गुप्ता ग्राफिक्स विभाग, डॉ. छगेन्द्र उसेंडी मूर्तिकला विभाग, कपिल सिंह वर्मा कला का इतिहास विभाग, डॉ. कौस्तुभ रंजन अंग्रेजी विभाग, संदीप किंडो चित्रकला विभाग, डॉ. प्रबोध गुप्ता प्रभारी कम्प्यूटर केन्द्र, डॉ. अजय पाण्डे योग अनुदेशक व प्रखर शरण सिंह म्यूजियम गाइड हैं। यह कार्यशाला शिक्षकों, इतिहासकारों, भाषाविदों एवं विद्यार्थियों के लिये बहु उपयोगी सिद्ध होगा। इस कार्यशाला में लगभग 2500 वर्ष पूर्व से लेकर 12वीं शती ईस्वी तक की भाषा एवं लिपियों को सीखना अपने आप में गौरव का विषय है। कार्यशाला के संबंध में अधिक जानकारी हेतु डॉ. आशुतोष चौरे संयोजक व प्रखर शरण सिंह समिति सदस्य से संपर्क किया जा सकता है।

Related Articles

Back to top button

You cannot copy content of this page