
सत्यमेव न्यूज छुईखदान। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की जागरूकता योजना के तहत मंगलवार को रानी अवंतीबाई लोधी कृषि महाविद्यालय परिसर स्थित टमाटर प्रोसेसिंग यूनिट में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजनांदगांव के अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय कुमार होता के मार्गदर्शन में तथा तालुका विधिक सेवा समिति छुईखदान के अध्यक्ष एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ईशान व्यास की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। शिविर में उपस्थित श्रमिकों को संबोधित करते हुए श्री ईशान व्यास ने विधिक सेवा प्राधिकरण की भूमिका, कार्यप्रणाली, निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया तथा इसके पात्र हितग्राहियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि किसी श्रमिक को किसी प्रकार की कानूनी समस्या हो अथवा भरण-पोषण सहित अन्य विधिक सहायता की आवश्यकता हो तो वह तालुका विधिक सेवा समिति छुईखदान में आवेदन कर सकता है। पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों, श्रमिकों, दिव्यांगजनों तथा समाज के जरूरतमंद वर्गों के लिए विशेष विधिक सहायता योजनाएं संचालित की जा रही हैं। कार्यक्रम में पैरा लीगल वालंटियर सनिल कुमार ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने मानव तस्करी एवं वाणिज्यिक यौन शोषण के पीड़ितों के लिए विधिक सहायता योजना-2015 तथा अम्ल (एसिड) हमले के पीड़ितों के लिए विधिक सहायता योजना-2016 सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया।
शिविर में आगामी 12 सितंबर 2026 को सिविल न्यायालय छुईखदान में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि इस लोक अदालत में समझौता योग्य प्रकरणों का आपसी सहमति से त्वरित एवं सरल समाधान किया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में लोगों को बताया गया कि निःशुल्क कानूनी सलाह एवं विधिक सहायता संबंधी जानकारी के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के हेल्पलाइन नंबर 15100 पर संपर्क किया जा सकता है।