वीबी-जी राम जी योजना से गांवों के विकास को मिलेगी नई दिशा
छुईखदान में सरपंचों एवं सचिवों की कार्यशाला आयोजित
स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकास कार्यों के चयन पर जोर
ग्राम सभा की सहभागिता से बनेगी कार्ययोजना
मजदूरी एवं सामग्री के 60:40 अनुपात का पालन करने के दिए निर्देश
खैरागढ़। जिले की ग्राम पंचायतों को अधिक विकसित, आत्मनिर्भर एवं सुविधायुक्त बनाने के उद्देश्य से वीबी-जी राम जी योजना के अंतर्गत विकसित ग्राम पंचायत प्लान (VGPP) तैयार करने की प्रक्रिया को लेकर जनपद पंचायत छुईखदान के सभाकक्ष में सरपंचों एवं सचिवों की बैठक सह कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में विकासखंड छुईखदान की समस्त ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं सचिव शामिल हुए। बैठक की संयुक्त अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रियंका खम्मन ताम्रकार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रेम कुमार पटेल ने की। इस दौरान ग्राम पंचायतों के समग्र विकास, स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्ययोजना तैयार करने, उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग तथा विकास कार्यों की प्राथमिकता निर्धारित करने के संबंध में विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया।कार्यशाला में बताया गया कि विकसित ग्राम पंचायत प्लान गांवों के सुनियोजित एवं सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से प्रत्येक ग्राम पंचायत में उपलब्ध संसाधनों, परिसंपत्तियों और बुनियादी सुविधाओं का आकलन कर विकास की जरूरतों एवं कमियों की पहचान की जाएगी। इसके आधार पर गांव की परिस्थितियों और ग्रामीणों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार की जाएगी। कार्ययोजना निर्माण की प्रक्रिया में ग्राम सभा की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा गया कि ग्रामीणों की सहभागिता और उनके सुझावों के आधार पर विकास कार्यों का चयन किया जाना चाहिए ताकि योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे और गांवों का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।
ग्राम सभा की सहभागिता से तय होंगी विकास कार्यों की प्राथमिकताएं
बैठक में जनप्रतिनिधियों ने कहा कि ग्राम पंचायतों के विकास में सरपंचों एवं सचिवों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। गांव की वास्तविक जरूरतों को समझकर योजनाओं का निर्माण करना और उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना आवश्यक है। इसके लिए ग्राम सभा में ग्रामीणों से सुझाव प्राप्त कर उनकी प्राथमिकताओं के अनुरूप विकास कार्यों का चयन किया जाना चाहिए। ऐसे कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया, जिनसे अधिक से अधिक ग्रामीणों को लाभ मिले तथा गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की योजना बनाते समय गांव की वर्तमान आवश्यकताओं के साथ-साथ भविष्य की जरूरतों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और स्थानीय संसाधनों के बेहतर प्रबंधन से ग्राम पंचायतों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी साथ ही कार्ययोजना में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
कार्ययोजना तैयार करने की प्रक्रिया पर दिया मार्गदर्शन
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रेम कुमार पटेल ने विकसित ग्राम पंचायत प्लान तैयार करने की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए ग्राम पंचायतों को योजनांतर्गत अनुमन्य कार्यों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना व्यावहारिक, आवश्यकता आधारित और गांव के दीर्घकालिक विकास को ध्यान में रखकर तैयार की जानी चाहिए इसके साथ ही निर्धारित दिशा-निर्देशों एवं प्रावधानों का पालन करते हुए विकास कार्यों का नियोजन और क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई। कार्यशाला में योजना के अंतर्गत मजदूरी एवं सामग्री के निर्धारित 60:40 अनुपात के संबंध में भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि विकास कार्यों का चयन, नियोजन एवं क्रियान्वयन करते समय निर्धारित अनुपात का पालन करना आवश्यक है। इस संबंध में ग्राम पंचायतों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए प्रस्ताव तैयार करने से लेकर कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन तक सभी प्रक्रियाओं में नियमों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग से गांवों का होगा विकास
कार्यशाला में कहा गया कि विकसित ग्राम पंचायत प्लान के माध्यम से गांवों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाया जा सकेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार, उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग, रोजगार के अवसरों को प्रोत्साहन तथा स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण संभव होगा साथ ही योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्राम पंचायतों की विकास संबंधी आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने में मदद मिलेगी। बैठक में उपस्थित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने ग्राम पंचायत स्तर पर बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने तथा योजनाओं को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यशाला का उद्देश्य ग्राम पंचायतों को विकास की स्पष्ट रूपरेखा उपलब्ध कराना और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने के लिए सक्षम बनाना रहा। इस अवसर पर सहायक परियोजना अधिकारी, जनपद पंचायत छुईखदान के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (आरईएस), वीबी-जी राम जी योजना से संबंधित अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि तथा विकासखंड की समस्त ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं सचिव उपस्थित रहे।
