
फतेह मैदान की बदहाली पर मिशन संडे टीम का अनोखा विरोध प्रदर्शन
बेशरम के पौधे लगाकर जताया विरोध
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। कई ऐतिहासिक स्मृतियों को समेटे हुए खैरागढ़ का गौरव कहलाने वाला राजा फतेह सिंह खेल मैदान आज अव्यवस्था और बदहाली का शिकार हो चुका है। शासन-प्रशासन के द्वारा लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी मैदान की स्थिति जस की तस बनी हुई है। मैदान में गड्ढे, कीचड़, टूटी शराब की बोतलों के टुकड़े, शौचालय और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव खिलाड़ियों की मजबूरी बन गया है। खासकर महिला खिलाड़ियों के लिए कपड़े बदलने की व्यवस्था न होने से उन्हें शर्मिंदगी के साथ कई कठिनाई झेलनी पड़ रही है। शाम ढलते ही मैदान शराबियों का अड्डा बन जाता है जिससे खिलाड़ियों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। मिशन संडे टीम के संयोजक एवं विधायक प्रतिनिधि मनराखन देवांगन ने मैदान की दुर्दशा पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि खैरागढ़ ने राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर कई खिलाड़ी दिए हैं लेकिन आज हालात यह हैं कि खिलाड़ी मैदान में खेलने से डरते हैं। टूटी बोतलों से घायल होना और सुविधाओं का अभाव खेल को हतोत्साहित कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही सुधार नहीं हुआ तो खिलाड़ी और खेलप्रेमी मिलकर बड़ा आंदोलन करेंगे। मैदान की बदहाली और सरकार की उपेक्षा के खिलाफ श्री देवांगन ने प्रतीकात्मक विरोध दर्ज करते हुए मैदान में बेशरम का पौधा लगाया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में खाद की किल्लत इतनी ज्यादा है कि किसानों को समय पर खाद तक नहीं मिल रही वरना यहां धान की खेती कर लेते। मैदान की दुर्दशा को लेकर नगर पालिका पर गंभीर आरोप लगाया और कहा कि नगर पालिका की कार्यप्रणाली अब केवल रुपए कमाने को लेकर ही रह गई है। नेता प्रतिपक्ष दीपक देवांगन ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं के आते ही पालिका बिना निविदा और टेंडर के लाखों रुपये खर्च कर देती है। पटाखा दुकान की नीलामी से राजस्व तो प्राप्त करती है लेकिन उसका उपयोग कहां हो रहा है यह कोई नहीं जानता। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो पालिका कार्यालय में ताला जड़कर बेशरम का फूल लगाकर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
प्रदर्शन में दीपक देवांगन, विधायक प्रतिनिधि रविन्द्र सिंह गहरवार, पूरन सारथी, भरत चंद्राकर, महेश यादव, सूर्यकान्त यादव, हरिदर्शन ढीमर, यादव सारथी, यतेंद्र जीत सिंह, राजा सोलंकी, शेखर दास वैष्णव, रामगोपाल वर्मा, नरेश सिन्हा, विनोद सिन्हा, सूरज देवांगन, भूपेंद्र वर्मा समेत कई लोग शामिल रहे।