
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय परामर्शदात्री एवं पुनरीक्षण समिति की बैठक कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में बैंकिंग योजनाओं की प्रगति, लंबित ऋण प्रकरण, बीमा दावों के निपटान, डिजिटल लेन-देन की स्थिति एवं निष्क्रिय खातों की समीक्षा की गई। बैठक के दौरान कलेक्टर ने बैंक शाखाओं को ऋण प्रकरणों की समयबद्ध स्वीकृति और वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से व्यक्तिगत सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों से संबंधित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने पर बल दिया। साथ ही पीएमईजीपी, पीएमएफएमई और मुद्रा योजना के लंबित मामलों में तेजी लाने को कहा ताकि पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ मिल सके। मत्स्य पालन एवं पशुपालन विभाग को भी अधिक से अधिक प्रकरण बैंक शाखाओं में भेजने के निर्देश दिए गए जिससे ग्रामीण स्वरोजगार करने वाले युवाओं और छोटे उद्यमियों को वित्तीय सहायता मिल सके। बैठक में डिजिटल बैंकिंग सेवाओं की समीक्षा करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में नगदरहित लेन देन और ऑनलाइन बैंकिंग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। बैंक शाखा प्रबंधकों को निष्क्रिय खातों को केवाईसी के माध्यम से पुनः सक्रिय करने तथा डीईएएफ खातों के लंबित दावों का शीघ्र निपटान करने के निर्देश दिए गए। शासकीय विभागों के निष्क्रिय खातों को भी जल्द सक्रिय करने कहा गया। इस दौरान पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत लंबित ऋण प्रकरणों के संबंध में सीएसपीडीसीएल को बैंकों से समन्वय कर मामलों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में नाबार्ड द्वारा विभिन्न वित्तीय योजनाओं की जानकारी प्रस्तुत की गई। एएचआईडीएफ योजना के तहत डेयरी, मांस प्रसंस्करण एवं पशु आहार संयंत्र स्थापना के लिए 15 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान है जिसमें तीन प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जा रहा है। एफआईडीएफ के तहत मत्स्य अवसंरचना विकास के लिए 7 हजार 522 करोड़ रुपये तथा डीआईडीएफ के माध्यम से डेयरी अवसंरचना आधुनिकीकरण हेतु 8 हजार 4 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा ई-केयूएन पोर्टल के जरिए वेयरहाउस आधारित डिजिटल ऋण सुविधा और ई-एनडब्ल्यूआर प्रणाली के माध्यम से डिजिटल परक्राम्य रसीद जारी करने की व्यवस्था की जानकारी दी गई। नाबार्ड के सहयोग से जिले में वित्तीय साक्षरता शिविर भी आयोजित की जा रही है जिसमें सभी विभागों और बैंकों से सक्रिय सहभागिता का आग्रह किया गया। बैठक में जिला पंचायत सीईओ प्रेम कुमार पटेल, आरबीआई के एलडीओ सदानंद बास्के, नाबार्ड के डीडीएम हर्ष देशमुख, एलडीएम सी.एस. ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बैंक शाखा प्रबंधक उपस्थित रहे। बैठक के अंत में कलेक्टर श्री चंद्रवाल ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए विभागों और बैंकों के बीच बेहतर समन्वय, सतत निगरानी और पारदर्शिता जरूरी है।