
जपं सदस्य एवं पूर्व जनपद अध्यक्ष नीना विनोद ताम्रकार ने उठाया मुद्दा
छ.ग. पंचायत राज अधिनियम के उल्लंघन का आरोप
सत्यमेव न्यूज छुईखदान। जनपद पंचायत छुईखदान में छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 44 के तहत अनिवार्य मासिक बैठक आयोजित नहीं किए जाने को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। इस संबंध में जनपद पंचायत की सदस्य एवं पूर्व अध्यक्ष नीना विनोद ताम्रकार ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत छुईखदान को पत्र लिखकर अधिनियम के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने की मांग की है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि अधिनियम की धारा 44/4 के अनुसार जनपद पंचायत की बैठक प्रत्येक माह कम से कम एक बार आयोजित किया जाना अनिवार्य है यदि अध्यक्ष द्वारा बैठक नहीं बुलाई जाती है तो ऐसी स्थिति में मुख्य कार्यपालन अधिकारी का दायित्व है कि पिछली बैठक की तिथि से 25 दिन पूर्ण होने के पश्चात बैठक की सूचना जारी करें। उन्होंने बताया कि जनपद पंचायत की पिछली सामान्य सभा की बैठक 17 अक्टूबर 2025 को आयोजित हुई थी जिसके बाद निर्धारित अवधि में बैठक नहीं बुलाना अधिनियम का उल्लंघन है। इससे प्रशासनिक वित्तीय एवं विकासात्मक कार्य प्रभावित हो सकते हैं जिस पर उच्च प्राधिकारियों द्वारा संज्ञान लेकर कार्यवाही की जा सकती है। नीना विनोद ताम्रकार ने यह भी मांग की है कि बैठक के माध्यम से जनपद पंचायत से संबंधित समाचार पत्रों में प्रकाशित विषयों पूर्व स्वीकृत कार्यों की प्रगति एवं जिला पंचायत द्वारा आदेशित जांचों की स्थिति से सदस्यों को अवगत कराया जाए। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की है कि जनपद पंचायत का संचालन पूर्णतः अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप किया जाएगा। बहरहाल विगत लगभग 1 वर्ष से छुईखदान जनपद पंचायत में लगातार उठ रहे भ्रष्टाचार के मामलों एवं एक-दो दिखावे की कार्रवाई के बाद हुई लीपापोती से यहां प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं और जनपद पंचायत के कार्य प्रणाली सवालों के कटघरे में है।