गौमूत्र के वैज्ञानिक उपयोग और जैविक खेती पर एडब्ल्यूबीआई से चर्चा

रायपुर. मनोहर गौशाला, खैरागढ़ के ट्रस्टी डॉ. अखिल जैन (पदम डाकलिया) ने नई दिल्ली में भारतीय जीव-जंतु कल्याण बोर्ड (एडब्ल्यूबीआई) के सचिव एमके चौहान एवं सहायक सचिव प्राची जैन से मुलाकात की। इस दौरान गौ संवर्धन एवं संरक्षण, गौमूत्र के वैज्ञानिक और व्यावहारिक उपयोग, जैविक कृषि तथा प्राकृतिक खेती से जुड़े अनुसंधान के विषयों पर चर्चा हुई। डॉ. जैन ने गौशाला द्वारा किए जा रहे प्रयोगों एवं अनुसंधान कार्यों की जानकारी भी साझा की। डॉ. जैन ने बताया कि मनोहर गौशाला गौसेवा एवं जीवदया के साथ गौ आधारित जैविक अनुसंधान, प्राकृतिक खेती और किसानों के हित में विभिन्न प्रयोग कर रही है। बैठक में गौमूत्र आधारित अनुसंधान तथा कृषि सहित अन्य क्षेत्रों में इसके संभावित उपयोग पर विशेष रूप से विचार-विमर्श किया गया।इस अवसर पर डॉ. जैन ने गौशाला द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘गाय एक अनुसंधान’ भी अधिकारियों को भेंट की। इस पुस्तक में गाय से संबंधित विभिन्न अनुसंधानों एवं विषयों का संकलन किया गया है। डॉ. जैन ने अधिकारियों को 18 अक्टूबर को रायपुर में आयोजित होने वाले मनोहर गौशाला के मुख्य कार्यालय एवं जैविक प्रशिक्षण केंद्र के शुभारंभ समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। इस केंद्र के माध्यम से गौ आधारित अनुसंधान, जैविक खेती और प्राकृतिक कृषि से संबंधित गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में पहल की जाएगी।

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