गांधी जी की पुण्यतिथि पर कांग्रेसियों ने किया सड़क पर संघर्ष

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर कांग्रेस ने केंद्र और राज्य सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ खुला मोर्चा खोलते हुए सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। ग्राम ढिमरीकुआ में आयोजित मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन के साथ साथ सांकेतिक चक्काजाम कर सरकार को सीधी चुनौती दी। पूरे इलाके में मनरेगा बचाओ किसान मजदूर विरोधी नीतियां नहीं चलेंगी जैसे नारों से माहौल गरमा गया। आंदोलन की अगुवाई क्षेत्रीय विधायक यशोदा नीलांबर वर्मा ने की। कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी के छायाचित्र पर माल्यार्पण और श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। इस अवसर पर नेताओं ने बापू के विचारों को याद करते हुए कहा कि आज जिस योजना के नाम से गांधी जी का नाम जुड़ा है उसी योजना को कमजोर करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने इसे गांधी के आदर्शों और गरीबों के आत्मसम्मान पर सीधा हमला बताया। धरना स्थल पर वक्ताओं ने मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने के कथित प्रयासों को गरीब विरोधी किसान विरोधी और मजदूर विरोधी कदम करार दिया।

नेताओं ने कहा कि यह केवल नाम बदलने की कवायद नहीं बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ तोड़ने की साजिश है। मनरेगा जैसी योजना ने गांव गांव में रोजगार आत्मनिर्भरता और सम्मान दिया है जिसे खत्म करने का प्रयास किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आंदोलन के दौरान धान खरीदी की समय सीमा बढ़ाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही के चलते तय समय में धान की पूरी खरीदी नहीं हो पा रही है जिससे किसान आर्थिक संकट में फंस रहे हैं। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि समय सीमा नहीं बढ़ाई गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। विधायक यशोदा नीलांबर वर्मा ने धरना स्थल पर सरकार को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि मनरेगा बचाने की यह लड़ाई आखिरी मजदूर और आखिरी किसान तक लड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस न तो किसानों की आवाज दबने देगी और न ही मजदूरों के हक पर डाका पड़ने देगी। यदि सरकार ने मांगों की अनदेखी की तो आंदोलन को जिला स्तर से प्रदेश स्तर तक ले जाया जाएगा। धरना प्रदर्शन में कांग्रेस पदाधिकारी जनप्रतिनिधि किसान मजदूर और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन शामिल हुए। पूरे आंदोलन के दौरान प्रशासन मुस्तैद रहा लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आक्रोश साफ तौर पर नजर आया।

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