राज्यपाल रामेन डेका होंगे मुख्य अतिथि
जुनैन हलीम जाफर खान का सितार वादन और सुचित्रा हरमलकर का कथक होगा आकर्षण
खैरागढ़। राजकुमारी इंदिरा सिंह कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ का 70वां स्थापना दिवस 14 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में 13 अक्टूबर की संध्या 5 बजे शास्त्रीय संगीत, कथक और छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति का संगम देखने को मिलेगा। कार्यक्रम शाम 5 बजे परिसर क्रमांक-2 स्थित डॉ.नरेंद्र देव वर्मा प्रेक्षागृह में आयोजित होगा। समारोह में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति रामेन डेका मुख्य अतिथि होंगे। उपमुख्यमंत्री अरुण साव, सांसद संतोष पांडेय, विधायक यशोदा नीलांबर वर्मा तथा विश्वविद्यालय के संस्थापक सदस्य राजा आर्यव्रत सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कुलपति प्रो.लवली शर्मा के संरक्षण में आयोजित समारोह में विश्वविद्यालय की सात दशक लंबी सांस्कृतिक यात्रा को रेखांकित किया जाएगा।कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण प्रख्यात सितार वादक उस्ताद हलीम जाफर खान के पुत्र एवं शिष्य जुनैन हलीम जाफर खान की प्रस्तुति होगी। उस्ताद हलीम जाफर खान ने 1980 के दशक में विश्वविद्यालय में अतिथि व्याख्याता के रूप में सेवाएं दी थीं। वहीं, इंदौर की प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना विदुषी सुचित्रा हरमलकर अपनी नृत्य प्रस्तुति देंगी। इसके अलावा पद्मश्री डॉ.राधेश्याम बारले एवं उनका समूह पंथी नृत्य के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोकपरंपरा और सांस्कृतिक विरासत की झलक प्रस्तुत करेगा। ज्ञात हो कि 14 अक्टूबर 1956 को स्थापित यह विश्वविद्यालय भारतीय शास्त्रीय संगीत, नृत्य और ललित कलाओं की शिक्षा के लिए देश-विदेश में विशिष्ट पहचान रखता है। स्थापना दिवस की सांस्कृतिक संध्या में शास्त्रीय कला और लोकसंस्कृति की विविध प्रस्तुतियां एक मंच पर देखने को मिलेंगी।
