
नकली शराब बनाने में संलिप्त 4 आरोपी गिरफ्तार
पानी मिलाकर तैयार हो रही थी अंग्रेजी शराब
सुपरवाइजर और लोकेशन अफसर की भूमिका भी जांच के घेरे में
22 हजार से अधिक की मिली है अवैध शराब
नकली लेबल, ढक्कन और होलोग्राम जब्त
राजनांदगांव में ओवररेटिंग और खैरागढ़ में मिलावट के नेटवर्क पर उठ रहे सवाल
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। जिले में अवैध एवं नकली शराब कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत खैरागढ़ पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मिलावटी शराब तैयार कर बिक्री करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने छापेमारी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिनके कब्जे से बड़ी मात्रा में अवैध अंग्रेजी शराब, नकली लेबल, ढक्कन, होलोग्राम और बॉटलिंग में प्रयुक्त सामग्री बरामद की गई है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि खैरागढ़ स्थित राजपूत ढाबा के समीप एक किराए के मकान में अंग्रेजी शराब में पानी मिलाकर रीफिलिंग कर अवैध बिक्री की जा रही है। सूचना के आधार पर थाना खैरागढ़ एवं साइबर सेल की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मौके पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान भागवत वर्मा और त्रिलोक यादव को शराब की बॉटलिंग एवं रीफिलिंग करते रंगे हाथों पकड़ा गया। पूछताछ में गिरोह से जुड़े अन्य दो लोगों के नाम सामने आने पर पुलिस ने उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में भागवत वर्मा निवासी सनडोगरी थाना गातापार जिला केसीजी, त्रिलोक यादव निवासी कुसुमकसा जिला बालोद, शक्ति नारायण सिंह निवासी दंतेवाड़ा हाल मुकाम खैरागढ़ तथा तिपेश कुमार सोनी निवासी डौंडी जिला बालोद शामिल हैं।
आबकारी विभाग की भूमिका भी संदेह के घेरे में, कर्मचारी मिले संलित
पुलिस जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि कुछ आरोपी शराब भट्ठियों में सेल्समैन और सुपरवाइजर के रूप में कार्यरत रहे हैं इसके बाद आबकारी विभाग की निष्पक्ष भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है। पूछताछ में आरोपियों ने अंग्रेजी शराब में पानी मिलाकर रीफिलिंग कर बाजार में खपाने की बात स्वीकार की है।
नकली शराब बनाने की सामग्रियां बड़े पैमाने पर जप्त
पुलिस ने मौके से 130 नग गोवा स्पेशल व्हिस्की की सीलबंद बोतलें, 10.5 लीटर संदिग्ध तरल पदार्थ, कुल लगभग 34 लीटर शराब, 203 ढक्कन, 720 लेबल स्टीकर, नकली होलोग्राम, जेरिकेन, खाली बोतलें तथा अन्य सामग्री जब्त की है। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत 22 हजार 320 रुपए बताई जा रही है। इस मामले में थाना खैरागढ़ में आबकारी एक्ट तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने की कार्रवाई की गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार मामले की जांच अब केवल नकली शराब निर्माण तक सीमित नहीं रह गई है बल्कि शराब वितरण तंत्र से जुड़े कुछ जिम्मेदार अधिकारी एवं कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। खैरागढ़ के लोकेशन अफसर शक्ति सिंह सहित बालोद से जुड़े तीन सुपरवाइजरों के नाम सामने आने के बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है वहीं राजनांदगांव में कथित ओवररेटिंग और खैरागढ़ में मिलावटी शराब के नेटवर्क को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक राजनांदगांव के एक लोकेशन अफसर राजकुमार की भूमिका को लेकर भी जांच एजेंसियां जानकारी जुटा रही हैं। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब कारोबार, नकली बॉटलिंग और मिलावटी शराब के नेटवर्क के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ का गंभीर मामला, अब पुलिस की आगामी कार्रवाई पर नजर
अवैध शराब की रीफिलिंग और नकली लेबल लगाकर शराब के नाम पर जहरनुमा पेय बिक्री का इस मामले को केवल आर्थिक अपराध से जोड़कर नहीं देखा जा सकता। जानकारों की माने तो यह प्रथम दृष्टि या और सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय है। लाजमी है कि मिलावटी शराब के सेवन से जानलेवा स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में जिला पुलिस कप्तान लक्ष्य विनोद शर्मा की अगुवाई में पुलिस तंत्र की यह सार्थक कार्रवाई जिले में अवैध शराब नेटवर्क पर एक बड़ी चोट और इस गोरखधंधे में शामिल सफेदपोश लोगों को बेनकाब करने की दिशा में भी सार्थक कदम है।