
फर्जी फार्म-7 के आरोप, कांग्रेस और मुस्लिम समाज ने किया मार्च
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। जिले में चल रहे एस.आई.आर. (Special Intensive Revision) मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के दौरान नाम विलोपन से जुड़ा मामला अब गंभीर राजनीतिक और सामाजिक विवाद का रूप ले चुका है। मतदाता सूची से वर्ग विशेष के नाम हटाने के कथित प्रयासों को लेकर कांग्रेस पार्टी और जिला मुस्लिम समाज ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला करार दिया है।
कलेक्ट्रेट से एसडीएम कार्यालय तक हुआ विरोध मार्च
जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष कोमल दास साहू के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध दर्ज कराया। कलेक्टर की अनुपस्थिति में प्रतिनिधिमंडल ने पैदल मार्च करते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचकर एसडीएम टंकेश्वर प्रसाद साहू को ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधियों ने थाने में दर्ज कराई गई लिखित शिकायत
मामले में ज्ञापन सौंपने के बाद प्रतिनिधिमंडल खैरागढ़ थाना पहुंचा जहां पूरे मामले को लेकर लिखित शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत में मतदाता सूची से नाम हटाने के प्रयास को फर्जीवाड़ा बताते हुए पुलिस से कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।
फर्जी तरीके से फार्म-7 से नाम हटाने का दावा
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कुछ व्यक्तियों द्वारा फर्जी तरीके से फार्म-7 भरकर वर्षों से नगर में निवासरत स्थायी मतदाताओं को अपात्र घोषित करने का प्रयास किया गया। आरोपों में अनिल कुमार विश्वकर्मा (बाजार अतरिया) और तिहारूराम बकरकट्टा सहित अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं।
2003 से पूर्व दर्ज नामों पर बना हुआ है संकट
कांग्रेस और मुस्लिम समाज के अनुसार इस कथित फर्जीवाड़े से वार्ड क्रमांक 01 पिपरिया के 15, वार्ड 08 तुरकारीपारा के 28, वार्ड 18 अंबेडकर वार्ड के 22,
तथा छुईखदान नगर के लगभग 75 मतदाता प्रभावित हुए हैं। इन सभी मतदाताओं के नाम वर्ष 2003 से पहले की मतदाता सूची में दर्ज बताए जा रहे हैं और वे लंबे समय से उसी क्षेत्र में निवासरत हैं।
मुस्लिम समाज ने दी चेतावनी और कहा प्रशासन न्याय करें
जिला मुस्लिम समाज अध्यक्ष अरशद हुसैन ने कहा कि यदि प्रशासन ने समय रहते उचित हस्तक्षेप नहीं किया तो हालात बिगड़ सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी अप्रिय स्थिति की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। मुस्लिम समाज ने आरोप लगाया कि जिन मतदाताओं के नाम हटाने के आवेदन दिए गए हैं वे सभी मुस्लिम समाज से संबंधित हैं। इसे नगर की सामाजिक एकता और सांप्रदायिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने की साजिश बताया गया।
लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हो रहा सीधा हमला-कांग्रेस
जिला कांग्रेस अध्यक्ष कोमल दास साहू ने कहा कि पात्र मतदाताओं के नाम हटाने का प्रयास लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा हमला है। उन्होंने इसे देश के विभिन्न हिस्सों में सामने आ रहे मतदाता सूची विवादों की कड़ी बताया।
अपराध दर्ज करने, मतदाताओं के नाम यथावत रखने व दोषियों को दंडित करने की मांग
बहरहाल इस विवादास्पद और जांचपरक मामले को लेकर तीन प्रमुख मांगें सामने आयी है जिनमें प्रतिनिधिमंडल द्वारा प्रशासन से फर्जी फार्म-7 भरने वालों पर तत्काल एफआईआर, वास्तविक मतदाताओं के नाम यथावत रखने, निष्पक्ष व समयबद्ध जांच कर दोषियों को दंडित करने की मांग की गई। मांग और विरोध प्रदर्शन को लेकर बड़ी संख्या में कांग्रेस व मुस्लिम समाज के नेता व कार्यकर्ता शामिल रहे जिनमें पं.मिहिर झा, शहर कांग्रेस अध्यक्ष अरुण भारद्वाज, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष संदीप सिरमौर, जिला महामंत्री सज्जाक खान, विधायक प्रतिनिधि रविन्द्र सिंह गहरवार, मुस्लिम समाज के जिला अध्यक्ष अरशद हुसैन, कांग्रेस पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता व पदाधिकारीगण सूर्यकांत यादव, सुबोध पांडे, नदीम मेमन सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और सामाजिक प्रतिनिधि मौजूद रहे।
मामले में अब प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी सभी की निगाहें
मतदाता सूची से नाम विलोपन का यह मामला अब राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर तूल पकड़ चुका है और अब सब की निगाहें प्रशासन और पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
मामले को लेकर आवेदन प्राप्त हुआ है, एसआईआर की प्रक्रिया में ऐसा नहीं है की सीधे किसी का भी नाम काट दिया जाए, नियमों के अनुसार पूरी जांच पड़ताल के बाद किसी का भी नाम जोड़ने व हटाने की प्रक्रिया की जाती है इसलिए किसी को भी परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है।
टंकेश्वर प्रसाद साहू, एसडीएम एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी केसीजी