खैरागढ़ महाविद्यालय में प्राचीन भारतीय ज्ञान से आधुनिक नेतृत्व की समझ विकसित करने पर जोर

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। रानी रश्मि देवी सिंह शासकीय महाविद्यालय एवं नवीन शासकीय कन्या महाविद्यालय खैरागढ़ के संयुक्त आयोजन में वाणिज्य विभाग द्वारा समकालीन युग में नेतृत्व के संदर्भ में प्राचीन भारतीय ज्ञान की प्रासंगिकता विषय पर एक प्रेरक अतिथि व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम प्राचार्य डॉ.ओ.पी. गुप्ता के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की पूजा अर्चना एवं स्वामी विवेकानंद के विचारों के स्मरण के साथ की गई। इसके बाद अतिथियों एवं शिक्षकों का स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि एवं वक्ता डॉ.विवेक शर्मा, प्राचार्य शासकीय महेंद्र कर्मा कन्या महाविद्यालय दंतेवाड़ा ने अपने संबोधन में बताया कि प्राचीन भारत में व्यवसाय वस्तु विनिमय प्रणाली पर आधारित था लेकिन आज व्यवसाय के स्वरूप में व्यापक बदलाव आ चुका है। उन्होंने कहा कि आधुनिक व्यवसाय से केवल लाभ कमाने की नहीं बल्कि समाज और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने की अपेक्षा की जाती है।
प्राचार्य डॉ.गुप्ता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि व्यवसाय देश की आर्थिक मजबूती रोजगार सृजन और सामाजिक विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है। नवाचार और नैतिक मूल्यों के साथ किया गया व्यवसाय ही समाज को आगे बढ़ाता है। कार्यक्रम की संयोजक एवं वाणिज्य विभागाध्यक्ष मोनिका जत्ती ने सभी अतिथियों शिक्षकों एवं छात्र छात्राओं का आभार व्यक्त किया। मंच संचालन शबाना खान द्वारा किया गया। कार्यक्रम में शिखा जोशी, वासुदेव साहू, हिरेंद्र ठाकुर, मैथिली पटेल, पायल सुधाकर, सौम्या गुप्ता, वर्षा साहू सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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