
चुनावी वर्ष में नगर पालिका में बढ़ी गहमा-गहमी
लंबे अंतराल के बाद नए सीएमओ ने आहूत की थी सामान्य सभा की बैठक
नए सिरे से राजनीति चमकाने नेता लग रहे हैं जोर
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। नगर पालिका परिषद की सामान्य सभा में वित्तीय वर्ष का बजट पेश किए जाने के दौरान सियासी माहौल गरमा गया। विपक्षी पार्षदों के वाकआउट के बीच नगर पालिका अध्यक्ष गिरजा नंद चंद्राकर ने लगभग 60 लाख रुपये अधिशेष वाला बजट प्रस्तुत किया जिसे बहुमत के आधार पर पारित कर दिया गया।
कांग्रेसी पार्षदों ने विरोध के बीच किया बहिष्कार
बैठक के दौरान कांग्रेस पार्षदों ने आरोप लगाया कि बजट दस्तावेजों में पर्याप्त जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने विरोध जताया और अंततः सदन का बहिष्कार करते हुए बाहर निकल गए। विपक्ष की अनुपस्थिति में सत्तापक्ष ने बजट प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
जानिए क्या है आय-व्यय का अनुमानित अनुमान
प्रस्तुत बजट के अनुसार नगर पालिका की कुल आय 15 करोड़ 33 लाख रुपये आंकी गई है जबकि कुल व्यय 14 करोड़ 73 लाख रुपये प्रस्तावित है। इस प्रकार 60 लाख रुपये अधिशेष का दावा किया गया है। आय के प्रमुख स्रोतों में कर मद से 3 करोड़ 15 लाख रुपये, विभिन्न शुल्क एवं लाइसेंस से 1 करोड़ 32 लाख रुपये, राज्यांश व अन्य मदों से 49 लाख रुपये, केंद्र एवं राज्य योजनाओं से 4 करोड़ 29 लाख रुपये तथा अन्य स्रोतों से 26 लाख 40 हजार रुपये शामिल हैं।
अध्यक्ष गिरजा सहित परिषद के सदस्यों का विकास कार्यों पर जोर
नगर विकास के लिए तालाब सौंदर्यीकरण, उद्यान, पुष्पवाटिका, खेल मैदान, मांगलिक भवन, सामुदायिक भवन, आश्रय स्थल, कांजी हाउस, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, स्कूल भवन, मुक्तिधाम उन्नयन और लाइब्रेरी जैसे कार्यों के लिए प्रावधान किया गया है। इसके अलावा नाली निर्माण, सीसी सड़क, विद्युत पोल और ट्रांसफार्मर जैसी मूलभूत सुविधाओं पर भी खर्च प्रस्तावित है। व्यय मदों में वेतन-भत्तों पर 3 करोड़ 81 लाख रुपये, स्टेशनरी एवं प्रशासनिक खर्च पर 48 लाख 80 हजार रुपये, विद्युत बिल, मरम्मत, साफ-सफाई और जलापूर्ति पर 1 करोड़ 7 लाख रुपये तथा विभिन्न सामाजिक योजनाओं पर 4 करोड़ 17 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है वहीं अध्यक्ष, पार्षद, सांसद और विधायक निधि से निर्माण कार्यों हेतु 5 करोड़ 18 लाख रुपये प्रस्तावित किए गए हैं।
सत्ता खोकर विपक्ष में बैठी कांग्रेस ने उठाए तीखे सवाल
नेता प्रतिपक्ष दीपक देवांगन ने बजट को “पिछले वर्ष की कॉपी” बताते हुए कहा कि इसमें कोई नई सोच या ठोस योजना नजर नहीं आती। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर को वास्तविक विकास की जरूरत है, लेकिन बजट केवल वादों तक सीमित है वहीं अध्यक्ष गिरजा चंद्राकर ने कहा कि बजट में शहर के समग्र और संतुलित विकास को ध्यान में रखते हुए विशेष प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि पूर्व से चल रही योजनाओं को गति देने के साथ नए कार्यों को भी शामिल किया गया है जिससे शहर के हर वर्ग को लाभ मिलेगा।