
सरकारी दस्तावेज जलकर राख; लापरवाही या साजिश पर उठ रहे सवाल
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। स्वास्थ्य सुविधाओं को घर-घर तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘हमर क्लिनिक’ योजना खैरागढ़ में गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। शहर के अमलीपारा वार्ड स्थित लाखों रुपये की लागत से निर्मित हमर क्लिनिक भवन सोमवार देर रात अचानक आग की चपेट में आ गया। चौंकाने वाली बात यह है कि भवन में अब तक बिजली कनेक्शन शुरू ही नहीं हुआ था। ऐसे में आग लगने की घटना ने प्रशासनिक लापरवाही के साथ-साथ साजिश की आशंकाओं को भी जन्म दे दिया है।
उद्घाटन हुआ लेकिन सेवा कभी शुरू ही नहीं हुई
यह क्लिनिक पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में तैयार किया गया था। इसका उद्देश्य स्थानीय नागरिकों को निःशुल्क उपचार, दवाईयां और प्राथमिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराना था लेकिन भवन निर्माण और उद्घाटन के महीनों बाद भी यहां स्वास्थ्य सेवाएं शुरू नहीं हो सकीं। धीरे-धीरे यह भवन जनसेवा केंद्र बनने के बजाय विभागीय दस्तावेज रखने के स्थान में बदल गया।
आरबीएसके दस्तावेज जलकर खाक
जानकारी के अनुसार भवन में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) से संबंधित फाइलें और कागजात रखे गए थे जो आगजनी में बुरी तरह जलकर नष्ट हो गए हालांकि अधिकारियों का दावा है कि इनमें कोई संवेदनशील मरीज संबंधी जानकारी नहीं थी लेकिन विभागीय उपयोग के अहम दस्तावेज नष्ट होने से कई सवाल खड़े हो गए हैं।
बड़ा सवाल: बिना बिजली आग कैसे लगी?
जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.आशीष शर्मा ने स्पष्ट कहा कि भवन में विद्युत व्यवस्था शुरू नहीं हुई थी इसलिए शॉर्ट सर्किट की संभावना नहीं है। यही तथ्य इस पूरे मामले को और रहस्यमय बना देता है। स्थानीय नागरिकों के बीच यह चर्चा तेज है कि कहीं यह घटना जानबूझकर तो नहीं की गई। ज्ञात हो कि यह घटना शहर के उस वार्ड में हुई है जहां क्षेत्रीय विधायक यशोदा वर्मा और नगर पालिका अध्यक्ष गिरजा चंद्राकर का निवास क्षेत्र है। ऐसे महत्वपूर्ण इलाके में न तो क्लिनिक शुरू हो सका और न ही भवन की सुरक्षा सुनिश्चित हो पाई। इससे जवाबदेही को लेकर प्रश्न और गहरे हो गए हैं।
अमलीडीह स्थित दूसरे क्लिनिक में भी तोड़फोड़
मामले को और गंभीर बनाते हुए अमलीडीह वार्ड स्थित दूसरे हमर क्लिनिक भवन में भी तोड़फोड़ की जानकारी सामने आई है। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बनाए गए दो भवनों में एक साथ हुई घटनाओं ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। थाना प्रभारी अनिल शर्मा ने बताया कि सूचना मिलने के बाद अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है तथा आग लगने के कारणों की पड़ताल की जा रही है।
जनता में रोष, व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि क्लिनिक समय पर शुरू कर दिया गया होता तो वहां नियमित स्टाफ मौजूद रहता और इस प्रकार की घटना की संभावना काफी कम हो जाती। अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह केवल लापरवाही का परिणाम है या किसी गड़बड़ी के निशान मिटाने की कोशिश।
बहरहाल सरकारी योजनाओं की जमीनी सच्चाई यहीं है कि भवन तो बने, उद्घाटन भी हुआ लेकिन सेवाएं शुरू होने से पहले ही व्यवस्था की खामियों में जलकर राख हो गई।
आगजनी की घटना के बाद पुलिस थाने में प्राथमिक की दर्ज कराई गई है। हमर क्लीनिक का कांच टूटा हुआ था और यहीं पर रखे दस्तावेज सबसे ज्यादा जलकर क्षतिग्रस्त हुए हैं। हमर क्लीनिक के भवन में विद्युत व्यवस्था नहीं है इसलिए शॉर्ट सर्किट की कोई आशंका नहीं है।
डॉ.आशीष शर्मा, जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी, खैरागढ़