
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 31 जुलाई 2026 से राज्यभर में एनालॉग पनीर के निर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए जाने के बाद खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (केसीजी) जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने सघन जांच अभियान शुरू कर दिया है। अभिहित अधिकारी सिद्धार्थ पांडे के नेतृत्व में विभागीय टीम ने जिले के विभिन्न होटल, मिठाई दुकान, बेकरी और डेयरी प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण कर पनीर की गुणवत्ता की जांच की तथा नमूने भी लिए। जांच अभियान के दौरान टीम ने राजेश्वरी बिकानेर, शर्मा बेकर्स, जैन स्वीट्स, मनोहर होटल, निहाल डेली नीट्स, जैन कैफे (छुईखदान) तथा शुभम के मार्ट सहित कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य में एनालॉग पनीर पर पूर्ण प्रतिबंध प्रभावी हो चुका है। यदि किसी भी प्रतिष्ठान में एनालॉग पनीर का निर्माण, भंडारण, विक्रय अथवा उपयोग पाया जाता है तो संबंधित संचालक के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। अभिहित अधिकारी सिद्धार्थ पांडे ने बताया कि पिछले कुछ समय से राज्य के विभिन्न जिलों में एनालॉग पनीर के निर्माण एवं बिक्री की लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थी।
शिकायतों के आधार पर विभाग ने कई स्थानों पर सैंपलिंग की, प्लांट सील किए तथा हजारों किलो संदिग्ध एनालॉग पनीर को नष्ट कराया। इसके बावजूद शिकायतों का सिलसिला जारी रहने पर राज्य सरकार ने जनस्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 31 जुलाई 2026 से पूरे छत्तीसगढ़ में एनालॉग पनीर के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया। उन्होंने बताया कि चलाए गए विशेष जांच अभियान के दौरान जिले के किसी भी प्रतिष्ठान में एनालॉग पनीर की बिक्री या उपयोग नहीं पाया गया। निरीक्षण के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठानों में उपलब्ध पनीर की जांच की गई तथा संचालकों को शासन के प्रतिबंध संबंधी आदेशों की जानकारी देते हुए नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए। सिद्धार्थ पांडे ने कहा कि जिलेभर में भविष्य में भी इसी प्रकार औचक निरीक्षण और सैंपलिंग अभियान लगातार जारी रहेंगे। यदि किसी भी प्रतिष्ठान में एनालॉग पनीर का निर्माण, भंडारण, उपयोग या बिक्री पाए जाने की पुष्टि होती है तो संबंधित संचालक के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने जिलेवासियों से भी अपील की कि यदि किसी होटल, रेस्टोरेंट, डेयरी, मिठाई दुकान या अन्य प्रतिष्ठान में एनालॉग पनीर के उपयोग या बिक्री की आशंका हो तो इसकी सूचना तत्काल खाद्य एवं औषधि प्रशासन, केसीजी के जिला कार्यालय को दें। शिकायत प्राप्त होते ही विभागीय टीम मौके पर पहुंचकर जांच करेगी और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।