क्षेत्र में बिक रही अवैध शराब, आबकारी विभाग मौन

घोठिया, दामरी, घोघेडबरी, शिकारीटोला सहित आस-पास के क्षेत्र में बिक रही अवैध शराब
सत्यमेव न्यूज/खैरागढ़. आबकारी विभाग की अनदेखी के चलते क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री बढ़ गई हैं. खैरागढ़ ब्लाॅक के घोठिया, दामरी, घोघेड़बरी, शिकारीटोला के आस-पास गांव में अवैध शराब की बिक्री के कारण गांव के माहौल खराब कर दिया हैं. गांव के महिला, पुरूष सहित नौजवान भी इस धंधे में उतार गये हैं. विभाग द्वारा दौरा के नाम पर डीजल फूंक रहे हैं और लाखों करोड़ का वारा न्यारा कर रहे हैं. सरकार लगातार अवैध शराब की बिक्री को रोकने का प्रयास कर रही हैं लेकिन ग्रामीण इलाके में हालात ऐसे हो गये हैं कि पहले कि अपेक्षा अब गांवो में अवैध शराब अधिक बिक रही हैं.
घोठिया, दामरी, घोघेड़बरी, शिकारीटोला सहित आस-पास गांव के चौक – चौराहों पर खुलेआम शराब की बिक्री हो रही हैं. जिससे कानून व्यवस्था पर भी प्रश्न चिन्ह लग रहा हैं. अवैध शराब बिक्री से गांव का माहौल खराब हो रहा हैं तो वहीं युवा पीढ़ी भी नशे की लत के आदि होते जा रहे हैं.
गांव में 24 घंटे बिकता है शराब
घोठिया और दामरी, घोघेड़बरी, शिकारीटोला में सुबह से ही अवैध शराब की बिक्री शुरू हो जाती है और रात को भी शराब बिक्री शुरू रहती हैं. शाम होते ही यह की चौंक मयखाना में बदल जाता हैं. इस मार्ग पर आवाजाही करने वाले महिलाये बच्चे सहित आम नागरिक को इस रूट में चलना मुश्किल हैं. थाना क्षेत्र के पुलिस की कारवाही न होना भी इस अवैध शराब बेचने वालों के हौसले बुलंद कर रहा हैं.
80 की शराब 120 से 150 रूपयें में बिक रही हैं
गांव में किसी भी समय आसानी से अवैध शराब मिल जाती हैं. फर्क सिर्फ इतना रहता है कि सरकारी दुकान में पौवा 80 रूपयें और इस जगह 120 रूपयें से 150 रूपयें तक बिकता हैं. क्षेत्र के बेरोजगार युवा इस अवैध शराब के धंधों की तरफ आकर्षित हो हैं क्योंकि प्रति पौवा 40 से 70 रूपयें कि शुद्ध कमाई होती हैं. समय रहते यादि ठोस कारवाही नहीं हुआ तो दिन-ब-दिन बिगड़ता जायेगा. उल्लेखनीय है कि क्षेत्र के शायद ही कोई गांव शराब की अवैध बिक्री से अछूता हो.
ऐसे पहुंचाई जाती है अवैध शराब
ग्रामीण अंचलों में गांव-गावं अवैध शराब की बिक्री हो रही है. इसे बेचने वाले गांव तक पहुचांने के लिए दुकान खुलने के बाद दो से तीन मोटर साइकिलों में झुंड बनाकर अधिक मात्रा में शराब ले जाते हैं. दोपहर तक 30 से 40 पौवों का जुगाड़ कर लेते हैं. और चौंक- चौराहों में ग्राहकों का तलाश करते हैं. सूत्रों की माने तो हर गांवों में आधा दर्जन से ज्यादा शराब बेचने वाले कोचिए पनप गए हैं. आपकों बता दे कि सरकार भी शराब बेचकर पैसे कमाने में व्यस्त है.
हमारे ग्राम पंचायत क्षेत्र और इसके साथ आस पास के गांव में अवैध शराब बिक्री होती है इसके कोई दो मत नही. पुलिस व आबकारी विभाग को इसकी जानकारी हैं फिर भी इस पर कोई कारवाही नहीं करते हैं.
कन्हैया वर्मा, सरपंच ग्राम पंचायत घोठिया