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जर्जर छत का टुकड़ा गिरा, भर्ती मरीज लहूलुहान खैरागढ़ सिविल अस्पताल की लापरवाही फिर उजागर

सत्यमेव न्यूज मनोहर सेन खैरागढ़। जिला मुख्यालय के एकमात्र सिविल अस्पताल में शनिवार शाम करीब 7 बजे बड़ा हादसा होते-होते टल गया। इलाज के लिए भर्ती दीपिका वर्मा 20 वर्ष पिता पुरुषोत्तम वर्मा, ग्राम आमदनी के सिर पर अचानक जर्जर छत का टुकड़ा गिर गया। हादसे में दीपिका गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान हो गई। खैरागढ़ सिविल अस्पताल की नई बिल्डिंग तैयार हो चुकी है लेकिन स्टाफ नर्सों की भारी कमी के कारण ऊपरी वार्ड खाली पड़े हैं। नतीजा यह है कि मरीजों को मजबूरी में पुराने और जर्जर भवन में भर्ती किया जा रहा है। इसी लापरवाही का खामियाजा शनिवार को भर्ती मरीज को भुगतना पड़ा। फिलहाल जिले के सबसे बड़े अस्पताल में मात्र 7 नर्सों के भरोसे पूरी व्यवस्था संचालित हो रही है। लगातार मीडिया और विपक्ष शासन-प्रशासन को चेताते रहे हैं लेकिन अब तक न तो स्टाफ बढ़ाया गया है और न ही भवन की मरम्मत पर ध्यान दिया गया।

मजबूरी में हम सरकारी अस्पताल आते हैं लेकिन यहां हमारी जान तक खतरे में पड़ जाती है। इलाज करवाने आए हैं और ऊपर से छत गिर रही है। क्या यही सरकारी अस्पताल की व्यवस्था है यह हालात शासन की बड़ी-बड़ी योजनाओं और घोषणाओं की पोल खोल रहे हैं। अब सवाल उठ रहा है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है। डॉ. विवेक बिसेन ने बताया कि अस्पताल की बिल्डिंग करीब 90 साल पुरानी है और रिपेयरिंग के लिए शासन को कई बार प्रस्ताव भेजे गए, लेकिन अब तक कोई पहल नहीं हुई। घायल मरीज की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई गई है।

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