

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय खैरागढ़ में आयोजित भारतीय भाषा ग्रीष्मकालीन शिविर के तीसरे दिन विद्यार्थियों ने कला संस्कृति और लोक परंपराओं से जुड़ी विविध गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिविर के दौरान संगीत नृत्य चित्रकला एवं हस्तकला के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रभारी प्राचार्य अंजय कुमार ने विद्यार्थियों को ललित कलाओं के महत्व से अवगत कराते हुए उन्हें अपनी रचनात्मक प्रतिभा को विकसित करने के लिए प्रेरित किया। प्रशिक्षण सत्र का संचालन प्रशिक्षित स्नातक शिक्षिका (गणित) अमृता चौधरी ने किया। तीसरे दिन का मुख्य विषय महाराष्ट्र की कला एवं संस्कृति रहा। विद्यार्थियों ने महाराष्ट्र की लोक कलाओं पारंपरिक चित्रकला हस्तशिल्प तथा हथकरघा परंपराओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस दौरान बच्चों ने प्रसिद्ध वर्ली चित्रकला का अभ्यास कर अपनी सृजनात्मक क्षमता का प्रदर्शन किया है। लोक नृत्य गतिविधि के अंतर्गत विद्यार्थियों ने महाराष्ट्र के पारंपरिक नृत्य रूपों को जाना और उन्हें सीखने का प्रयास किया। बालकों ने कोळी नृत्य का अभ्यास किया जबकि बालिकाओं ने लावणी नृत्य की विभिन्न प्रस्तुतियों का अभ्यास कर अपनी प्रतिभा दिखाई। शिविर का समापन विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीत के साथ हुआ। पूरे दिन आयोजित गतिविधियों में विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता और उत्साह देखने को मिला है। विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय भाषाओं के साथ-साथ विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक विशेषताओं से भी परिचित कराया जा रहा है।

