
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। बफरा गांव से निकलकर छत्तीसगढ़ी सिनेमा में पहचान बनाने वाले कलाकार ज्ञानेश कौशल अब हमारे बीच नहीं रहे। शनिवार को हृदय गति रुकने से हुए उनके आकस्मिक निधन की खबर ने पूरे छत्तीसगढ़ को गहरे शोक में डुबो दिया है। छालीवुड ने एक ऐसा कलाकार खो दिया जिसकी मुस्कान संघर्ष और अभिनय ने कम समय में लोगों के दिलों में जगह बना ली थी। ज्ञानेश कौशल प्रसिद्ध मानसकार भुवन कौशल के पुत्र थे। कला उनके जीवन का हिस्सा थी और मंच उनका पहला संसार। बचपन से ही अभिनय की ललक लिए ज्ञानेश ने कठिन हालातों में भी अपने सपनों का पीछा नहीं छोड़ा। डिजिटल प्लेटफॉर्म से शुरू हुआ उनका सफर छत्तीसगढ़ी फिल्मों तक पहुंचा और देखते ही देखते वे युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए। अपने फिल्मी सफर की शुरुआत उन्होंने अमलेश नागेश के साथ की और दोनों ने एक दूसरे का साथ निभाते हुए संघर्ष किया और छालीवुड में अपनी पहचान बनाई। ज्ञानेश का अचानक चला जाना न सिर्फ उनके मित्रों और सहकर्मियों बल्कि पूरे फिल्म जगत के लिए गहरा आघात है। जैसे ही उनके निधन की सूचना बफरा गांव पहुंची वहां सन्नाटा पसर गया। परिवार शोक में डूबा है और गांववासी अपने इस होनहार बेटे को नम आंखों से याद कर रहे हैं। कलाकारों और प्रशंसकों का कहना है कि कम उम्र में जो मुकाम ज्ञानेश ने हासिल किया वह उन्हें हमेशा यादगार बनाए रखेगा। भले ही वे आज हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनकी मेहनत और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।