
अवैध शराबखोरी के खिलाफ नहीं चलाया जा रहा कोई अभियान
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। शहर में सार्वजनिक स्थानों पर शराबखोरी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इस लत ने अब शासकीय कार्यालय परिसरों को भी नहीं छोड़ा है। स्कूल मैदानों से लेकर सरकारी दफ्तरों तक में शराबखोरी की घटनाएं आम हो चुकी हैं। शहर के कई दफ्तरों के भीतर बने प्रसाधनों और कोनों में शराब की खाली बोतलें आसानी से देखी जा सकती हैं। खासतौर पर वे दफ्तर जहां काम का बहाना बनाकर कर्मचारी देर रात तक रुकते हैं वहां दफ्तर बंद होने के बाद शराबखोरी की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
एसडीएम ऑफिस के पीछे मिल रही दर्जनों बोतलें
शनिवार को एसडीएम ऑफिस के पीछे शराब और बीयर की दर्जनों खाली बोतलें मिलीं। इससे साफ है कि परिसर में देर रात तक शराब पार्टी चलती रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी दफ्तरों के भीतर आम नागरिक रात को आकर शराब नहीं पी सकते ऐसे में शक सीधे तौर पर कुछ कर्मचारियों पर जाता है जो देर रात तक दफ्तर में रुके रहते हैं। शहर के कई शासकीय कार्यालय रात 7–8 बजे तक खुले रहते हैं। इस दौरान कर्मचारियों द्वारा शराब सेवन करने की शिकायतें बार-बार उठ चुकी हैं। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सतत निरीक्षण और जिम्मेदार अधिकारियों की सख्ती नहीं हुई तो सरकारी दफ्तर शराबखोरी के अड्डों में बदलते जाएंगे।
जिम्मेदारी से बचना मुश्किल
नगर के जिम्मेदार अधिकारियों से सवाल यह है कि आखिर शासकीय परिसरों में शराबखोरी कैसे हो रही है और इस पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई। एसडीएम ऑफिस परिसर में मिली शराब की खाली बोतलें साफ इशारा कर रही हैं कि सरकारी जगहों की गरिमा दांव पर लगाई जा रही है।