महाशिवरात्रि : शिवालयों में अलसुबह से लगा रहा भक्तों का तांता

नगर सहित ग्रामीण अंचल में श्रद्धापूर्वक मनाई गई महाशिवरात्रि
सत्यमेव न्यूज़/खैरागढ़. महाशिवरात्रि के महापर्व पर जिला मुख्यालय संगीत नगरी सहित खैरागढ़-छुईखदान-गंडई अंचल के ग्रामीण इलाकों में श्रद्धापूर्वक भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की गई, श्रद्धालुओं ने अलग-अलग तरीके से विविध आयोजनों के बीच महाशिवरात्रि का पर्व उत्साहपूर्वक मनाया. महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर नगर के रूक्खड़ स्वामी ट्रस्ट समिति द्वारा आयोजित महोत्सव के तहत शिवरात्रि के दिन रूक्खड़ स्वामी मंदिर में सुबह महारूद्राभिषेक कर पार्थिव शिवलिंग का पूजन किया गया वहीं संध्या के समय पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ शिव बारात व भव्य शोभा यात्रा निकाली गई. रूक्खड़ बाबा मंदिर से निकली भव्य शोभा यात्रा का समापन नगर भ्रमण पश्चात वीरेश्वर महादेव मंदिर में किया गया. इसी के साथ ही नगर में स्थापित विभिन्न शिवालयों में भी दिनभर भक्तों की भीड़ देखने को मिली.
शिव मंदिरों में दिनभर रही श्रद्धालुओं की भीड़
महाशिवरात्रि के इस पावन पर्व में श्रद्धालुओं का नगर से लेकर ग्रामीण अंचलों में स्थितशिव मंदिरों में दिनभर भीड़ देखने को मिली. खासतौर पर नगर के वीरेश्वर महादेव मंदिर में हर साल की तरह इस साल भी शिवभक्तों का तांता लगा रहा वहीं सिद्ध पीठ रूक्खड़ स्वामी मंदिर, ईतवारी बाजार स्थित शीतला शिव मंदिर, तुरकारी पारा स्थित शिव मंदिर, नया टिकरापारा स्थित शिव मंदिर सहित ग्रामीणों इलाकों में विराजित कोड़ेनवागांव स्थित खंडेश्वर महादेव मंदिर, शेरगढ़ स्थित प्राचीन शिव मंदिर, पैलीमेटा मार्ग पर वनांचल के सुदूर रमणीय इलाके में स्थित चोडऱा धाम शिव मंदिर के साथ ही छुईखदान व गंडई के शिवालयों में सुबह से ही शिव भक्त पूजा-अराधना के लिये जुटे रहे, साथ ही गांव-गांव में विराजमान शिव जी के मंदिरों में दिनभर लोगों की भीड़ देखने को मिली और सुबह से देर रात तक भक्तमय भजनों व जस गीतों के साथ लोग महाशिवरात्रि का मंगल-आनंद लेते रहे, परम्परानुसार इस महापर्व में शिव भक्त अपनी मनोकामना पूर्ति को लेकर शिवालय पहुंचकर सामथ्र्य अनुरूप दूध, घी, दही, शहद, शक्कर आदि के मिश्रण के साथ शिव जी का जलाभिषेक किया गया वहीं शिवलिंग पर विविध फूल, बेल के पत्ते, धतुरा आदि समर्पित किया गया. कुछ स्थानों पर महाशिवरात्रि पर्व पर मेला का भी आयोजन किया गया जहां लोग सपरिवार पहुंचे.