
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संघ ने जताई आपत्ति
जिलाध्यक्ष लता तिवारी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सौंपा ज्ञापन
सम्मान की लड़ाई में आंदोलन के दिये संकेत
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को वितरित की गई नई यूनिफॉर्म को लेकर जिले में असंतोष खुलकर सामने आ गया है। जिला के.सी.जी. की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं ने ड्रेस को स्तरहीन, अनुपयोगी और गरिमा के प्रतिकूल बताते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी को लिखित शिकायत सौंप दी है। केसीजी जिला अध्यक्ष लता तिवारी के नेतृत्व में दिए गए शिकायत पत्र में स्पष्ट किया गया है कि विभाग द्वारा प्रदत्त यूनिफॉर्म गुणवत्ता मानकों पर पूरी तरह विफल है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कपड़ा अत्यंत पतला और निम्न श्रेणी का है जो एक-दो बार धोने के बाद ही फटने लगा है तथा रंग भी उड़ गया है। ऐसी स्थिति में इस ड्रेस को पहनना न केवल असुविधाजनक बल्कि अपमानजनक भी है।
मानकहीन यूनिफॉर्म से आहत हो गये है आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं समाज की नींव से जुड़े कार्यों मातृ एवं शिशु पोषण, टीकाकरण, प्रारंभिक शिक्षा और जनजागरूकता का दायित्व निभाती हैं। ऐसे में उन्हें इस तरह की भद्दी और घटिया गुणवत्ता वाली ड्रेस पहनने के लिए बाध्य करना उनके सम्मान और पेशेवर गरिमा के विरुद्ध है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यूनिफॉर्म किसी भी कर्मचारी की पहचान और आत्मसम्मान का प्रतीक होती है लेकिन दी गई ड्रेस न तो टिकाऊ है और न ही सम्मानजनक। इससे जनता के बीच उनकी छवि पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है।
गरिमा के विपरीत क्या ड्रेस पहनने को मजबूर होंगी कर्मी
इस व्यवस्था के बाद विभागीय व्यवस्था कटघरे में है और इस पूरे प्रकरण ने महिला एवं बाल विकास विभाग की खरीद एवं आपूर्ति प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आंगनबाड़ी कर्मियों का आरोप है कि या तो ड्रेस की खरीद में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई है या फिर आपूर्ति के दौरान गंभीर लापरवाही बरती गई है। बताया गया है कि संवेदनशील विभाग में कार्यरत महिलाओं के लिए ऐसी निम्नस्तरीय सामग्री उपलब्ध कराना विभागीय उदासीनता को दर्शाता है।
खरीद प्रक्रिया और आपूर्ति पर उठ रहे सवाल
पूरे मामले में प्रशासन से त्वरित हस्तक्षेप की मांग की गई है और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं ने जिला कार्यक्रम अधिकारी से मांग की है कि जब तक गुणवत्तायुक्त एवं मानक अनुरूप यूनिफॉर्म उपलब्ध नहीं कराई जाती तब तक वर्तमान स्तरहीन ड्रेस पहनने की बाध्यता समाप्त की जाए साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग भी की गई है। उक्त शिकायत की प्रतिलिपि खैरागढ़ एवं छुईखदान के परियोजना अधिकारियों को भी भेजी गई है ताकि जिला स्तर पर इस मुद्दे को गंभीरता से लिया जा सके।
प्रशासन से तत्काल समाधान की अपेक्षा
आंदोलन की चेतावनी देते हुये संघ ने स्पष्ट किया है कि शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं संगठित होकर आंदोलन का रास्ता अपनायेगी। आगे कहा गया है कि कि यह केवल यूनिफॉर्म का मुद्दा नहीं बल्कि उनके सम्मान अधिकार और कार्यस्थल की गरिमा से जुड़ा गंभीर प्रश्न है।