अवैध उत्खनन में लगे हैवी वाहनों के चोरी-छिपे परिवहन से खराब हो रही है जिले की सड़के

सड़कों पर सरपट दौड़ रहे 45 टन क्षमता से अधिक के वाहन
क्रेशर की गिट्टी भरकर छोटी सड़कों से हो रहा परिवहन
सड़कों की खराबी को लेकर जिपं सभापति ने कलेक्टरों को लिखा पत्र

हैवी व्हीकल के निषेध और सड़क की गुणवत्ता सुधारने की मांग
सत्यमेव न्यूज/खैरागढ़. जिला निर्माण के बाद भी भारी वाहनों के छोटी सड़कों पर यातायात निषेध को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही है. पहले ही खनिज विभाग अपने ढूल-मूल रवैय्ये को लेकर बदनाम है क्योंकि क्षमता से अधिक भार लेकर चलने वाले वाहनों पर कोई सकारात्मक और ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही है. इसी के चलते जिले में अवैध उत्खननकर्ताओं के भी हौसले बुलंद है. कार्रवाई नहीं होने से जिले की सड़कों में 45 टन से भी अधिक क्षमता के हैवी व्हीकल वाहन बेरोकटोक ग्रामीण अंचल की छोटी सड़कों पर दौड़ रही है जिसके कारण बनते ही सड़कों की स्थिति दयनीय होकर खराब होती जा रही है. कार्रवाई के नाम पर खनिज विभाग और जिला प्रशासन केवल खानापूर्ति ही कर रही हैं, जिला निर्माण के बाद अब इस दिशा में सार्थक प्रयासों व कार्रवाई की आवश्यकता है नहीं तो ग्रामीण आबादी को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली अंचल की छोटी सड़कों की स्थिति दिन-ब-दिन दयनीय होती जाएगी. इस गंभीर समस्या को लेकर राजनांदगांव सहित केसीजी में सड़क सुरक्षा को लेकर जिला पंचायत सभापति विप्लव साहू ने दोनों जिलों के कलेक्टर को पत्र लिखा है. जिपं सभापति साहू ने दोनों जिलों में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क सहित लोक निर्माण विभाग द्वारा लाखों करोड़ों की लागत में बनाए सड़कों की सुरक्षा को लेकर लिखे पत्र में कहा है कि सुगम आवाजाही को लेकर सैकड़ों मांगपत्र देने के बाद शासन स्तर से सड़क निर्माण की स्वीकृति मिलती है, लेकिन निर्माण के दौरान निर्धारित मानक और गुणवत्ता की अनदेखी के चलते सड़क क्षमतानुरुप नहीं बन पाती और रही सही कसर उस सड़क में भारी वाहनों की आवाजाही से पूरी हो जाती है. जिपं सभापति ने कहा कि सड़क उपयोग को लेकर निर्धारित क्षमता से ज्यादा भारी वाहनों की लगातार आवाजाही भी सड़क को बद से बदतर कर रही है और सड़के समय से पहले खराब हो रही है, जिसके चलते आम जनता को आने जाने में असुविधा का सामना करना पड़ता है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत पीएमजीएसवाय और लोक निर्माण विभाग द्वारा आरआरपी 2 के तहत मानक सड़कों का निर्माण होता है, जिसमे निर्धारित क्षमता के हल्के वाहन, ट्रैक्टर के संचालन की अनुमति होती है ताकि सड़कों का रखरखाव हो और अनुमानित अवधि तक गुणवत्ता बनी रहे लेकिन इन सड़कों पर गैर-कानूनी रूप से रेत, गिट्टी, मुरुम आदि 12- 14 टन से अधिक वजनी वाहनों का अवैध तरीके से संचालन किया जाता है जिससे रोड को सबसे ज्यादा नुकसान होता है. श्री साहू ने दोनों जिला प्रशासन के प्रमुख कलेक्टर और संबधित विभाग को सड़क सुरक्षा और अवैध रूप से चलने वाले भारी वाहनों पर प्रतिबंध की दिशा में आवश्यक कारवाई कर सड़कों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जनहित को देखते हुए समुचित उपाय की मांग की है ताकि जिस उद्देश्य को लेकर सड़कों का निर्माण हुआ है उसका लाभ आम जनमानस को मिले.