राज्यपाल पुरस्कार चयन को लेकर जिपं सभापति ने लगाये गंभीर आरोप

आरोप में प्रधान पाठक के चयन को ठहराया है गलत
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़. राज्यपाल पुरस्कार चयन को लेकर जिपं सभापति विप्लव साहू ने गंभीर आरोप लगाये हैं। आरोप में प्रधान पाठक किशोर शर्मा के चयन को गलत ठहराया गया है जिसे लेकर श्री साहू ने कलेक्टर सहित शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से लिखित में शिकायत की है। शिकायत में कहा गया है कि बैहाटोला स्कूल में प्रधान पाठक के पद पर पदस्थ शिक्षक किशोर शर्मा का नाम संस्था के कक्षावार समय सारणी में ही नही है, जबकि विभाग द्वारा प्रधान पाठको के साथ-साथ संकुल समन्वयको को भी प्रति दिन कम से कम तीन कालखंड अध्यापन का शासकीय आदेश है। प्रधान पाठक को अपनी संस्था में शालेय गतिविधियों के अलावा शैक्षणिक कार्य भी अनिवार्य रूप से कराना है लेकिन बैहाटोला स्कूल में प्रधान पाठक किशोर शर्मा ने इस अनिवार्य काम को दरकिनार किया है। अलग-अलग कक्षा में बैठे बच्चों से जानकारी मिली हैं कि शर्मा कोई भी विषय नहीं पढ़ाते। वहीं शाला का रखरखाव बेहद खराब और फ्लोर की स्थिति बहुत दयनीय है। शाला के अन्य कर्मचारियों से जानकारी अनुसार पिछले कुछ सालों से शाला भवन की पुताई भी नहीं हुई है और अनियमित रूप से श्री शर्मा स्कूल भी नहीं आते। शिक्षक पर आरोप लगाने वाले जिपं सभापति श्री साहू का कहना हैं कि राज्यपाल जैसे महत्वपूर्ण सम्मान को एक अयोग्य और लापरवाह शिक्षक को देने के लिए जिला शिक्षा विभाग द्वारा नामित किये जाने की पूरी प्रक्रिया ही गलत तरह से हुई हैं। जिसे लेकर श्री साहू ने जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक में इस मुद्दे को उठाया और मामले का मैदानी परीक्षण करने और उक्त सम्मान के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को नये सिरे से प्रक्रिया करने की अनुमति संचालनालय से मांगने कहा है ताकि जिले में बच्चों को बेहतर शिक्षा देने सामुदायिक सहभागिता से व्यवस्था सुनिश्चित करने वाले जिम्मेदार शिक्षक हताश ना हो। इस मामले में सभापति ने कलेक्टर को पत्र लिखकर इस मामले में दखल देने की भी मांग की है वहीं लोक संचालनालय रायपुर मुख्य सचिव स्कूल शिक्षा विभाग और संचालक शिक्षा संभाग दुर्ग को भी आवेदन देकर सम्मान संबंधी उक्त निर्णय पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।