सुरक्षित बचपन अभियान के तहत विद्यार्थियों को बाल विवाह एवं बाल शोषण के प्रति किया जागरूक

खैरागढ़। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजनांदगांव विजय कुमार होता के निर्देशानुसार तथा तालुका विधिक सेवा समिति खैरागढ़ की अध्यक्ष कु. मोहनी कंवर एवं सचिव प्रीति नागवंशी के मार्गदर्शन में 30 अक्टूबर को शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला बईढटोला में सुरक्षित बचपन अभियान के तहत विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।कार्यक्रम में पैरालीगल वालंटियर सुश्री कला प्रजापति ने छात्र-छात्राओं को बाल विवाह एवं बाल शोषण के दुष्परिणामों तथा बच्चों के कानूनी अधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुरक्षित बचपन अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, स्वस्थ एवं भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना है। इसके तहत बच्चों को हिंसा, शोषण, बाल श्रम एवं बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं से बचाने के साथ उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और शिक्षा से जोड़ना प्रमुख लक्ष्य है। उन्होंने वर्तमान समय में इंटरनेट के बढ़ते उपयोग से बच्चों के सामने उत्पन्न साइबर बुलिंग एवं ऑनलाइन शोषण जैसे खतरों के प्रति भी सचेत किया। साथ ही किसी भी आपात स्थिति में बच्चों की सहायता के लिए उपलब्ध चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 की जानकारी देते हुए बताया कि यह सेवा बच्चों को संकट की स्थिति में 24 घंटे सहायता उपलब्ध कराने के लिए संचालित है। इस दौरान छात्र-छात्राओं को पॉक्सो कानून, बाल अधिकारों, बाल सुरक्षा एवं कानूनी सहायता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकगण उपस्थित रहे। अभियान के माध्यम से बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी प्रकार के शोषण या अन्याय की स्थिति में बिना डरे इसकी जानकारी अभिभावकों एवं संबंधित अधिकारियों को देने के लिए प्रेरित किया गया।

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